दमोह में बस की टक्कर से दो छात्राओं की मौत, तीसरी गंभीर, सागर में भी बसों की सघन जांच शुरू
अभाना गांव के पास हादसे के बाद ग्रामीणों ने किया चक्काजाम, संभाग आयुक्त के निर्देश पर परिवहन विभाग की कार्रवाई
दमोह/सागर। दमोह-जबलपुर स्टेट हाईवे पर नोहटा थाना क्षेत्र के अभाना गांव के पास शनिवार सुबह यात्री बस की टक्कर से दो स्कूली छात्राओं की मौत हो गई, जबकि तीसरी छात्रा गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने बसों पर पथराव कर चक्काजाम कर दिया। स्थिति को देखते हुए घटनास्थल पर पुलिस बल तैनात किया गया।

जानकारी के अनुसार, हादसा सुबह करीब साढ़े दस बजे हुआ। मृत छात्राओं की पहचान आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली 14 वर्षीय दसोदा पटेल और आरुषि ठाकुर के रूप में हुई है। हादसे में नित्या सेन नाम की तीसरी छात्रा भी घायल हुई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। तेंदूखेड़ा एसडीओपी अर्चना अहीर ने दो छात्राओं की मौत और एक के घायल होने की पुष्टि की। परिजनों और ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर सड़क पर प्रदर्शन किया। प्रशासन की ओर से मांगें पूरी करने का आश्वासन दिए जाने के बाद स्थिति संभालने का प्रयास किया गया।
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव जिला अस्पताल पहुंचे और घायलों से बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने जिला परिवहन अधिकारी को संबंधित बस तत्काल जब्त करने के निर्देश दिए। दमोह के नायब तहसीलदार रघुनंदन चतुर्वेदी ने भी अस्पताल पहुंचकर परिजनों से जानकारी ली।
बस में सवार यात्री भी हुआ घायल
हादसे के दौरान बस के भीतर रखा सामान यात्रियों के ऊपर गिर गया। दमोह के सिविल वार्ड-7 निवासी देवकरण शर्मा ने बताया कि वह नूरी कंपनी की बस से नोहटा में अपने रिश्तेदार के यहां जा रहे थे। दुर्घटना के दौरान सामान उनके ऊपर गिरने से वह घायल होकर बेहोश हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें 108 एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार किया जा रहा है।
सागर में भी बसों की सघन जांच शुरू
दमोह में हुए हादसे के बाद संभाग आयुक्त ने संज्ञान लेते हुए संभाग के सभी परिवहन अधिकारियों को यात्री बसों की सघन जांच करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद सागर में भी परिवहन विभाग सक्रिय हो गया है। परिवहन अधिकारी के नेतृत्व में टीम ने सिविल लाइन और आसपास के क्षेत्रों में बसों की जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान बसों की स्थिति और आवश्यक दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है।

दमोह की इस दर्दनाक घटना ने यात्री बसों की सुरक्षा और नियमित जांच का मुद्दा फिर सामने ला दिया है। अब देखना होगा कि जांच के दौरान नियमों के उल्लंघन पर परिवहन विभाग क्या कार्रवाई करता है।








