TL बैठक में कलेक्टर का बड़ा एक्शन: वेतन से जुड़ी ‘सार्थक ऐप’ उपस्थिति, मूंग भुगतान में देरी पर नोटिस
सागर। कलेक्टर प्रतिभा पाल की अध्यक्षता में समय-सीमा (TL) बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में जन आकांक्षा पोर्टल, जनसुनवाई तथा समय-सीमा से संबंधित शिकायतों और उनके निराकरण की विभागवार विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि आमजनों की समस्याओं एवं शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण व त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
मूंग उपार्जन के उपरांत किसानों को समय पर भुगतान न होने पर कलेक्टर ने सख्त नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि शेष भुगतान तत्काल पूर्ण करें और आगामी समय-सीमा बैठक में प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें। लापरवाही बरतने वाली समितियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। साथ ही रबी उपार्जन (चना एवं मसूर) के लंबित भुगतान को भी शीघ्र पूर्ण करने को कहा गया।
जिले में किसानों की मांग के अनुरूप खाद एवं उर्वरक की निर्बाध व सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए गए। फार्मर रजिस्ट्री के कार्य में तेजी लाने और वी बी जी रामजी योजना’ को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने पर जोर दिया गया।
राजस्व एवं न्यायालयीन कार्यों का निरीक्षण
अदालतों का निरीक्षण व रिकॉर्ड मिलान:
समस्त अनुभागीय अधिकारियों (SDM) को निर्देश दिए गए कि वे अपने क्षेत्राधिकार की तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार अदालतों का नियमित निरीक्षण करें तथा ऑनलाइन व ऑफलाइन डेटा का शत-प्रतिशत मिलान सुनिश्चित करें। प्रतिलिपि शाखा में आवेदनों के निराकरण और लंबित मामलों को समाप्त करने के लिए पटवारियों को जिम्मेदारी सौंपने के निर्देश दिए गए। भू-अर्जन से संबंधित शिकायतों का तेजी से समाधान करने तथा मुआवजा वितरण कार्य में गति लाने के निर्देश दिए गए। विशेष रूप से बंडा सिंचाई परियोजना के लंबित मुआवजा प्रकरणों का अविलंब निराकरण करने के आदेश दिए गए।
कलेक्टर श्रीमती पाल ने स्पष्ट किया कि राज्य शासन द्वारा शासकीय कार्यालयों में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने हेतु सार्थक ऐप प्रारंभ किया गया है। सार्थक ऐप अथवा शासन द्वारा अधिकृत अन्य उपस्थिति ऐप पर दर्ज उपस्थिति ही कर्मचारियों के मासिक वेतन का आधार होगी। इसके लिए समस्त विभाग प्रमुखों, जिला अधिकारियों एवं एसडीएम को अपने-अपने कार्यालयों में सार्थक ऐप का कड़ाई से संचालन कराने के निर्देश दिए गए।
सड़क सुरक्षा के प्रति प्रशासनिक गंभीरता दर्शाते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी अधिकारी अपने-अपने कार्यालयों के लिए विधिवत आदेश जारी करें, जिसके तहत कार्यालय में दोपहिया वाहन से आने वाले समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए हेलमेट लगाना अनिवार्य किया जाए। सीएम हेल्पलाइन में 50 दिवस से अधिक लंबित शिकायतों की संख्या शून्य करने और जिले की ओवरऑल रैंकिंग सुधारने के निर्देश दिए गए। किसी भी स्तर पर शिकायत के ‘नॉन-अटेंडेड’ रहने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने की हिदायत दी गई। अवमानना के मामलों तथा राष्ट्रीय/राज्य मानवाधिकार आयोग व अन्य संवैधानिक आयोगों से प्राप्त पत्रों के जवाब समय-सीमा में दाखिल करने हेतु समस्त अधिकारियों को ताकीद किया गया।
जिले में स्वीकृत एवं अप्रारंभ पंचायत व सामुदायिक भवनों का निर्माण कार्य अविलंब प्रारंभ कराने के निर्देश दिए गए। ‘हर घर नल से जल’ योजना के अंतर्गत पूर्ण हो चुकी पेयजल योजनाओं को विधिवत संबंधित ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित करने की कार्यवाही करने को कहा गया। प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना’ एवं ‘संबल योजना’ की समीक्षा हेतु एसडीएम को पंचायत सचिवों एवं जीआरएस के साथ साप्ताहिक बैठक कर लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) श्री विवेक केवी, अपर कलेक्टर श्री अविनाश रावत, नगर निगम आयुक्त श्री राजकुमार खत्री, समस्त अनुभागीय अधिकारी, तहसीलदार तथा विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।


