रथ यात्रा से पूर्व माता को लगा गुजिया का भोग, देर रात तक चला रात्रि जागरण
आज दोपहर 3 बजे महिलाएं करेंगी पारंपरिक ‘बाजार लूट’, माता को लगेगा विशेष भोग
सागर। श्री सार्वजनिक तिसाला बड़ी पूजा रथ यात्रा समिति के सदस्य विकास केसरवानी एवं शिवलाल गुप्ता ने बताया कि रथ यात्रा से पूर्व भीकी मांगने की परंपरा वर्षों से श्रद्धा और आस्था के साथ निभाई जा रही है। मान्यता के अनुसार वर्ष 1840 में रथ यात्रा की शुरुआत के समय यह निर्णय लिया गया था कि माता रानी को प्रत्येक घर की ओर से गुजिया का भोग अर्पित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि इस भोग के लिए आवश्यक धन एवं सामग्री भीकी के रूप में एकत्र की जाती है। इसकी विशेषता यह है कि भीकी मांगने की शुरुआत सबसे पहले अपने निकट संबंधियों के घर से की जाती है। भीकी में प्राप्त धन एवं सामग्री से गुजिया तैयार की जाती है और सबसे पहले माता रानी को उसका भोग लगाया जाता है।
परंपरा के अनुसार इसके बाद परिवार के प्रत्येक पुरुष सदस्य को 20-20 गुजिया दी जाती हैं। इनमें से प्रत्येक पुरुष पांच-पांच गुजिया अपनी मां या भाभी को ओली में भेंट करता है। रथ यात्रा निकलने से पूर्व सभी श्रद्धालु इन गुजियों के प्रसाद का ग्रहण करते हैं।
रथ यात्रा की पूर्व संध्या पर मां शारदा शरण मंडल द्वारा शीतला माता मंदिर में भव्य रात्रि जागरण का आयोजन किया गया। देर रात तक चले इस धार्मिक आयोजन में माता रानी के भजनों पर श्रद्धालु भक्ति भाव से झूमते रहे और मंदिर परिसर जयकारों से गूंज उठा।
समिति के अनुसार आज दोपहर लगभग 3 बजे भीतर बाजार की महिलाएं शीतला माता मंदिर में एकत्रित होकर पारंपरिक बाजार लूट कार्यक्रम में भाग लेंगी। इस दौरान बाजार से प्राप्त सामग्री एवं धनराशि से माता रानी को विशेष भोग अर्पित किया जाएगा तथा इसके पश्चात श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया जाएगा।


