कलेक्टर करें नवाचार, पंचायतों-निकायों में बढ़ाएं प्रतिस्पर्धा : जयभान सिंह पवैया

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कलेक्टर करें नवाचार, पंचायतों-निकायों में बढ़ाएं प्रतिस्पर्धा : जयभान सिंह पवैया

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सागर। अध्यक्ष मध्यप्रदेश राज्य वित्त आयोग जयभान सिंह पवैया ने कहा है कि कलेक्टर्स श्रेष्ठ ग्राम पंचायतें और नगरीय निकाय बनाने के लिए निरंतर प्रयास करें। उन्होंने कहा कि कलेक्टर्स ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों को श्रेष्ठ बनाने के लिए ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों के बीच स्वस्थ प्रतियोगिता प्रारंभ करें तथा अच्छा कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों को पुरस्कृत भी करें। अध्यक्ष मध्यप्रदेश वित्त आयोग ने कहा है कि सभी कलेक्टरों में उत्कृष्ट कार्य करने की भूख होना चाहिए। नवाचार करने की ललक होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिला पंचायतों, जनपद पंचायतों को व्यवस्थाओं के लिए जो राशि दी जाती है, उसका सदुपयोग सुनिश्चित कराएं और राशि के उपयोग की लेखांकन व्यवस्था और अंकेक्षण व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।अध्यक्ष मध्यप्रदेश वित्त आयोग जयभान सिंह पवैया आज कमिश्नर कार्यालय सागर में संभागीय स्तरीय बैठक में कलेक्टर्स और अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे।उन्होंने कहा कि जिला पंचायतों, जनपद पंचायतों, ग्राम पंचायतों, नगर निगमों, नगर पालिकाओं को सर्वश्रेष्ठ कार्य करने के लिए अपने वित्तीय संसाधनों का विकास करना होगा। उन्होंने कहा कि पंचायती राज संस्थाएं और नगरीय निकाय अपने वित्तीय संसाधनों का विकास कर विकास को आगे बढ़ाएं।अध्यक्ष मध्यप्रदेश वित्त आयोग ने सुझाव दिया कि नगरीय क्षेत्रों और ग्राम पंचायतों में सौर ऊर्जा एक अच्छा विकल्प है। उन्होंने सुझाव दिया कि बिजली की बचत और आने वाली ऊर्जा संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए नगरीय निकायों और ग्राम पंचायतों में सौर ऊर्जा को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है।बैठक में वित्तीय संसाधनों को बढ़ाने के लिए किए जा रहे सागर संभाग में नवाचारों पर विस्तृत चर्चा की गई।बैठक में पन्ना कलेक्टर श्रीमती उषा परमार ने बताया कि पन्ना जिले में पन्ना टाइगर रिजर्व क्षेत्र के ग्राम पंचायत मंडला में सफारी वाहनों से कर लिया जा रहा है, वहीं ग्राम पंचायत शाहनगर में भी जल कर की वसूली सहजता से की जा रही है। उन्होंने बताया कि पन्ना जिले में ग्राम पंचायतों के माध्यम से करारोपण कर ग्राम पंचायतों को वित्तीय रूप से सशक्त बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।बैठक में नगर पालिका अधिकारी टीकमगढ़ ने बताया कि टीकमगढ़ नगर क्षेत्र में लगभग 1000 दुकानें नगर पालिका क्षेत्र में किराए पर संचालित हैं। जिनका किराया कई वर्षों से नहीं बढ़ाया गया था। नगर पालिका की दुकानों का किराया 2 रुपये, 17 रुपये, 80 रुपये तक था, जिसमें वृद्धि करने के प्रयास किए गए हैं। उन्होंने कहा कि टीकमगढ़ नगर में उपभोक्ता प्रभार को बढ़ाया गया है, जिससे टीकमगढ़ नगर पालिका की आय बढ़ी है।बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत टीकमगढ़ ने बताया कि वित्तीय संसाधनों की कमी के कारण जिला पंचायतों और जनपद पंचायतों के कर्मचारियों को समय पर वेतन का भुगतान नहीं होता है। किन्तु ईपीएफ संगठन द्वारा कर्मचारियों की ईपीएफ की राशि नहीं जमा करने पर पेनल्टी लगाई जाती है। उन्होंने सुझाव दिया कि इस व्यवस्था को व्यवहारिक बनाया जाए।बैठक में अध्यक्ष राज्य वित्त आयोग श्री जयभान सिंह पवैया ने सागर नगर निगम क्षेत्र से लगे हुए गांवों में आवास निर्माण के लिए दी जा रही अनुमतियों पर चर्चा की तथा कहा कि ग्राम पंचायतों में कॉलोनियां विकसित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी ग्राम पंचायतों को भी राजस्व प्राप्त होना चाहिए और ग्राम पंचायतों का सर्वांगीण विकास होना चाहिए।बैठक में सदस्य राज्य निर्वाचन आयोग श्री के. के. सिंह ने बताया कि केंद्रीय वित्त आयोग की अनुशंसाएं एक अप्रैल से लागू हुई हैं। उन्होंने बताया कि विभिन्न संसाधनों से भारत सरकार को जो राजस्व प्राप्त होता है, उसमें से 41 प्रतिशत राजस्व राज्यों को देने का प्रावधान किया गया है। सचिव राज्य वित्त आयोग श्री वीरेन्द्र सिंह ने बैठक में नगरीय निकायों और ग्राम पंचायतों के वित्तीय संसाधनों पर विस्तृत जानकारी दी।बैठक में अन्य विषयों पर भी चर्चा की गई। बैठक में कमिश्नर सागर संभाग श्री अनिल सुचारी, कलेक्टर छतरपुर श्री पार्थ जैसवाल, कलेक्टर निवाड़ी श्रीमती जमुना भिड़े, कलेक्टर दमोह श्री प्रताप नारायण यादव, कलेक्टर टीकमगढ़ श्री विवेक श्रोत्रिय, आयुक्त नगर निगम सागर श्री राजकुमार खत्री, जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, नगर पालिका अधिकारी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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