सागर में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में महिलाओं का उबाल, विपक्ष के खिलाफ सड़कों पर उतरीं

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सागर में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में महिलाओं का उबाल, विपक्ष के खिलाफ सड़कों पर उतरीं

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चकराघाट से तीन बत्ती तक काले वस्त्रों में निकली रैली, कांग्रेस व इंडी गठबंधन का किया पुतला दहन

सागर। नारी शक्ति वंदन अधिनियम को संसद में पारित नहीं होने देने के विरोध में शनिवार को सागर में महिलाओं का जनआक्रोश फूट पड़ा। बड़ी संख्या में महिलाओं ने चकराघाट से तीन बत्ती तक काले वस्त्र पहनकर पदयात्रा निकाली और विपक्षी दलों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पदयात्रा के समापन पर कांग्रेस व इंडी गठबंधन का पुतला दहन भी किया गया।

आयोजित जनआक्रोश सभा को संबोधित करते हुए सांसद डॉ. लता वानखेड़े ने कहा कि देश की नारी शक्ति अब अपने अधिकारों और सम्मान के प्रति जागरूक हो चुकी है और किसी भी अन्याय को स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद में विपक्ष ने महिला सम्मान के मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने बताया कि महिलाओं को आरक्षण देने के लिए संविधान संशोधन आवश्यक है, जिसके लिए दो-तिहाई बहुमत जरूरी होता है।

महापौर संगीता तिवारी ने कहा कि यह रैली नारी सम्मान और अधिकारों के समर्थन में जन-जन की आवाज है। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को राजनीतिक भागीदारी में सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है, लेकिन विपक्ष इस पर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहा है।

विधायक शैलेंद्र कुमार जैन ने कहा कि महिलाओं के अधिकारों की अनदेखी के खिलाफ देशभर में आक्रोश है और यह आंदोलन उसी का परिणाम है। उन्होंने महिलाओं से लोकतंत्र में अपनी भूमिका को समझते हुए सजग रहने का आह्वान किया।

भाजपा जिला अध्यक्ष श्याम तिवारी ने विपक्ष पर महिलाओं के अधिकारों को बाधित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि अब महिलाएं अपने अधिकारों के लिए संगठित हो चुकी हैं और किसी भी विरोध का मुंहतोड़ जवाब देंगी।

लीगल राइट्स काउंसिल इंडिया की प्रदेश अध्यक्ष अनुश्री जैन ने लोकसभा में चर्चा के अनुभव साझा करते हुए इसे महिलाओं के लिए प्रेरणादायक बताया और कहा कि यह आंदोलन बदलाव की शुरुआत है, जो समाज की जड़ों से आएगा।

पूर्व विधायक सुधा जैन ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के माध्यम से महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रयास किया गया, लेकिन विपक्ष ने इसे रोकने का काम किया, जो नारी शक्ति का अपमान है।

जिला मीडिया प्रभारी श्रीकांत जैन के अनुसार, पदयात्रा में सैकड़ों महिलाओं ने भाग लिया और पूरे मार्ग में विरोध प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में रितु सिंह, दीपा तिवारी, शिवा ठाकुर, तृप्ति सिंह, प्रतिभा चौबे, सुनीता रैकवार सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।

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