चरित्र शंका में पत्नी की हत्या, पुलिस ने फरार आरोपी को दबोचा,तेजी से खुला केस

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चरित्र शंका में पत्नी की हत्या, पुलिस ने फरार आरोपी को दबोचा,तेजी से खुला केस

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​सागर: सागर पुलिस ने हत्या के एक वीभत्स मामले में तत्परता दिखाते हुए घटना के महज 24 घंटे के भीतर फरार आरोपी को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। पुलिस अधीक्षक सागर श्री विकाश कुमार शाहवाल (भा.पु.से.) के कुशल निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री लोकेश कुमार सिन्हा एवं एस.डी.ओ.पी. रहली श्री प्रकाश मिश्रा के सटीक मार्गदर्शन में थाना प्रभारी रहली सुनील शर्मा और उनकी टीम ने इस चुनौतीपूर्ण मिशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।

​दिनांक 23.04.2026 को ग्राम बोमा खजूरा में उस वक्त सनसनी फैल गई जब दोपहर लगभग 03:00 बजे आरोपी मोहन गौड़ ने अपनी पत्नी देवकी की सोते समय कुल्हाड़ी से गर्दन काटकर निर्मम हत्या कर दी। घटना की रिपोर्ट मृतका के परिजन बलराम गौड़ द्वारा दर्ज कराई गई थी। आरोपी आदतन शराबी था और अपनी पत्नी के चरित्र पर संदेह करते हुए अक्सर विवाद करता था। जघन्य कृत्य को अंजाम देने के बाद आरोपी घने जंगलों का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया था।

पुलिस की घेराबंदी और ‘ऑपरेशन विजयपुरा
​घटना की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी रहली सुनील शर्मा ने तत्काल मोर्चा संभाला। मामला पेचीदा था क्योंकि आरोपी स्थानीय भूगोल से भली-भांति परिचित था और पुलिस को चकमा देने के लिए बोमा और आसपास के दुर्गम जंगलों में छिप गया था।
​आरोपी पुलिस की हर हरकत पर नजर रखते हुए बार-बार अपनी लोकेशन बदल रहा था। थाना प्रभारी सुनील शर्मा ने अपनी टीम के साथ मिलकर सटीक मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और तकनीकी साक्ष्यों के साथ-साथ पुलिस का एक ऐसा अभेद्य जाल बिछाया कि आरोपी का बच निकलना नामुमकिन हो गया। घने जंगलों में चली घंटों की ‘सर्चिंग’ और पुलिस की आक्रामक घेराबंदी के दबाव में आकर अंततः आरोपी को ग्राम विजयपुरा के पास से दबोच लिया गया।

आरोपी का कबूलनामा और बरामदगी
​पूछताछ में आरोपी मोहन पिता भूपत गौड़ (31 वर्ष) ने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि चरित्र शंका के चलते उसने हत्या की योजना बनाई थी। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त खून से सनी कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली है।

​​इस अंधे कत्ल को सुलझाने और फरार अपराधी को 24 घंटे के भीतर दबोचने में थाना प्रभारी रहली उनि. सुनील शर्मा की रणनीतिक सूझबूझ और अदम्य साहस की मुख्य भूमिका रही। उनके नेतृत्व में टीम ने बिना सोए लगातार सर्चिंग की, जिसकी वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा प्रशंसा की गई है।

सराहनीय टीम 
​उनि. सुनील शर्मा (थाना प्रभारी रहली)
​उनि. हरिसिंह तोमर (चौकी प्रभारी बलेह)
​प्रआर अमित चौबे, आर सतीश
​आरक्षक विनय पथरोल, चालक आरक्षक सुनील दुबे

सागर पुलिस का संकल्प: “अपराधियों के लिए कोई सुरक्षित जगह नहीं है। कानून का हाथ हर अपराधी की गर्दन तक पहुँचेगा। हम जिले में शांति और न्याय व्यवस्था बनाए रखने के लिए संकल्पित हैं।”

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