चेकिंग के दौरान 12 वाहनों पर चालानी कार्रवाई, ₹34 हजार शमन शुल्क वसूला; बिना दस्तावेज, अग्निशमन यंत्र और सुरक्षा इंतजामों के संचालन पर दी सख्त हिदायत
सागर। परिवहन आयुक्त, मध्यप्रदेश ग्वालियर और कलेक्टर, सागर के निर्देश पर यात्री बसों की सुरक्षा व्यवस्था जांचने के लिए परिवहन विभाग ने 30.09.2026 को विशेष चेकिंग अभियान चलाया। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, सागर ने कार्यपालिक मजिस्ट्रेट, यातायात पुलिस और प्रवर्तन अमले के साथ मिलकर यात्री वाहनों की जांच की।
चेकिंग के दौरान बसों में यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े विभिन्न इंतजामों को देखा गया। जांच में कई वाहनों में गंभीर कमियां सामने आईं। कुछ बसों की पीछे की ओर लगी कांच की खिड़कियों पर लोहे की जाली लगी मिली। कई वाहनों में फर्स्ट एड बॉक्स नहीं था, जबकि कुछ में निर्धारित मानक के अग्निशमन यंत्र भी नहीं मिले। कई वाहन चालक मौके पर वाहन से संबंधित जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।
जांच के दौरान कुछ बसों के आपातकालीन द्वार के सामने सीट लगी हुई मिली। वहीं, कुछ वाहनों में इमरजेंसी गेट ठीक तरह से खुलते हुए नहीं पाए गए। कई वाहनों में रिमोल्ड टायर भी लगे मिले।
इसी तरह शहरी क्षेत्र में नियमों के विपरीत संचालित हो रही स्कूल बसों और ऑटो रिक्शा पर भी कार्रवाई की गई। जांच के दौरान ऐसे वाहनों को जब्त कर कार्यालय परिसर में सुरक्षित खड़ा कराया गया।
ड्रायवर-कंडक्टरों को सुरक्षा मानकों का पालन करने की हिदायत
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर बस चालकों और कंडक्टरों को स्पष्ट निर्देश दिए कि यात्रियों की सुरक्षा से समझौता करते हुए बिना निर्धारित सुरक्षा मानकों के वाहन संचालित न किए जाएं। वाहन चलाते समय जरूरी दस्तावेज साथ रखने और निर्धारित गणवेश में ही वाहन संचालन करने के निर्देश भी दिए गए।
चेकिंग अभियान में जब्त किए गए वाहनों की संख्या अधिक होने के कारण परिवहन कार्यालय परिसर में जगह काफी कम पड़ गई। कार्यालय के आसपास भी बड़ी संख्या में जब्त वाहन खड़े नजर आए।
12 वाहनों पर चालानी कार्रवाई, ₹34 हजार वसूले
चेकिंग के दौरान 12 वाहनों में अलग-अलग तरह की कमियां मिलने पर मोटरयान अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मौके पर चालानी कार्रवाई की गई। इन मामलों में चालक के पास लाइसेंस नहीं होना, वाहन के दस्तावेज मौके पर उपलब्ध नहीं होना, निर्धारित मानक का अग्निशमन यंत्र नहीं होना, HSRP नंबर प्लेट का अभाव, रेडियम रिफ्लेक्टर टेप नहीं होना और चालक का निर्धारित गणवेश में नहीं होना जैसी कमियां सामने आईं।
इन कार्रवाई के तहत कुल ₹34,000 का शमन शुल्क वसूल किया गया।
स्लीपर कोच बसों में इन सुरक्षा व्यवस्थाओं की होगी जांच
चेकिंग अभियान के दौरान स्लीपर कोच यात्री बसों में AIS-119 के प्रावधानों के अनुसार सुरक्षा व्यवस्थाओं की भी जांच की जाएगी। इसके तहत बसों में निम्न सुरक्षा इंतजाम जरूरी होंगे—
-
बस में फायर डिटेक्शन एवं सप्रेशन सिस्टम (FDSS) लगा होना चाहिए।
-
आगमन और निर्गमन के लिए अलग-अलग दो दरवाजे होना आवश्यक है।
-
बस में चार इमरजेंसी एग्जिट होना जरूरी है। इनमें एक ड्रायवर साइड में पीछे की ओर, एक वाहन के सबसे पीछे बीच में और दो वाहन की छत पर आगे तथा पीछे की ओर होने चाहिए। प्रत्येक इमरजेंसी गेट का आकार 58 सेंटीमीटर × 90 सेंटीमीटर होना निर्धारित है।
-
अग्नि सुरक्षा के लिए यात्री बस में 10 किलोग्राम क्षमता वाले दो अग्निशमन यंत्र होने चाहिए, जिन्हें निर्धारित ग्रीन एरिया में रखा जाना है।
-
किसी भी वाहन में ड्रायवर पार्टीशन डोर नहीं होना चाहिए।
-
स्लीपर बर्थ पर स्लाइडर नहीं होने चाहिए। इनके स्थान पर आसानी से खुलने वाले पर्दे लगाए जा सकते हैं।
चेकिंग से बचने रास्ता बदलकर निकले वाहन भी जांच के दायरे में आए
चेकिंग अभियान के दौरान कुछ वाहन चालकों ने जांच से बचने के लिए अपना रास्ता बदलकर निकलने का प्रयास किया। हालांकि, जांच दल ने ऐसे वाहनों को भी अपने दायरे में लिया। जांच के दौरान कमियां मिलने पर संबंधित वाहनों को जब्त कर कार्रवाई की गई।
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने सभी वाहन मालिकों को निर्देश दिए हैं कि वाहन संचालन के दौरान बीमा, फिटनेस, परमिट, पंजीयन कार्ड, वाहन चालक का हैवी ड्रायविंग लाइसेंस, टैक्स प्रमाण पत्र और प्रदूषण प्रमाण पत्र समेत सभी जरूरी दस्तावेज अनिवार्य रूप से वाहन में उपलब्ध रखें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों का पालन नहीं करने वाले वाहन संचालकों के खिलाफ मोटरयान अधिनियम 1988 और मध्यप्रदेश मोटरयान कराधान अधिनियम 1991 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
परिवहन विभाग के अनुसार यात्री वाहनों की यह चेकिंग कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।








