खादी एवं ग्रामोद्योग ने रचा इतिहास, पहली बार 1.87 लाख करोड़ रुपये के कारोबार का आंकड़ा पार
सागर। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए पहली बार 1.87 लाख करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार दर्ज किया है। खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) के अध्यक्ष मनोज कुमार ने नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में वित्त वर्ष 2025-26 के अनंतिम आंकड़े जारी करते हुए यह जानकारी दी। केवीआईसी के अनुसार खादी एवं ग्रामोद्योग उत्पादों की कुल बिक्री 1,87,105 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है, जो अब तक का सर्वाधिक स्तर है। वहीं उत्पादन 1,25,296 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। वर्ष 2013-14 की तुलना में बिक्री में 501 प्रतिशत तथा उत्पादन में 380 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। अध्यक्ष श्री मनोज कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के ‘आत्मनिर्भर भारत’, ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘लोकल टू ग्लोबल’ अभियानों ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान की है। खादी अब केवल पारंपरिक वस्त्र नहीं बल्कि आत्मनिर्भर भारत और ग्रामीण समृद्धि का प्रतीक बन चुकी है। रोजगार सृजन में भी रिकॉर्ड वृद्धि केवीआईसी के अनुसार वर्ष 2013-14 में खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र में 1.30 करोड़ लोगों को रोजगार मिला था, जो वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 2.04 करोड़ हो गया है। इस दौरान रोजगार में 56 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। खादी वस्त्रों की बिक्री छह गुना बढ़ी खादी वस्त्रों का उत्पादन वर्ष 2013-14 के 811 करोड़ रुपये से बढ़कर 3,974 करोड़ रुपये हो गया है। वहीं बिक्री 1,081 करोड़ रुपये से बढ़कर 7,869 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जो लगभग 628 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। ग्रामोद्योग क्षेत्र ने भी बनाया नया कीर्तिमान ग्रामोद्योग उत्पादों का उत्पादन 25,298 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,21,322 करोड़ रुपये और बिक्री 30,073 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,79,236 करोड़ रुपये हो गई है। इस क्षेत्र में रोजगार प्राप्त लोगों की संख्या भी बढ़कर लगभग 1.99 करोड़ पहुंच गई है।

पीएमईजीपी से लाखों लोगों को मिला रोजगार प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के तहत वर्ष 2025-26 में 66,494 नई इकाइयों की स्थापना की गई। इनके माध्यम से 7.31 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला। योजना के प्रारंभ से अब तक 10.84 लाख से अधिक इकाइयां स्थापित की जा चुकी हैं, जिनसे लगभग 97.95 लाख लोगों को रोजगार मिला है। महिला सशक्तिकरण को मिला बढ़ावा केवीआईसी के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के तहत वर्ष 2025-26 में 79,682 लोगों को प्रशिक्षण दिया गया, जिनमें 47,382 महिलाएं शामिल हैं। पीएमईजीपी के अंतर्गत 28,180 महिला उद्यमियों ने नई इकाइयां स्थापित कीं, जिनसे 3.09 लाख महिलाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए। कारीगरों की आय में बढ़ोतरी केवीआईसी ने कारीगरों के पारिश्रमिक में भी उल्लेखनीय वृद्धि की है। वर्ष 2013-14 में जहां पारिश्रमिक 4 रुपये प्रति हैंक था, वहीं वर्तमान में यह बढ़कर 15 रुपये प्रति हैंक हो गया है, जो लगभग 275 प्रतिशत की वृद्धि है। केवीआईसी अध्यक्ष श्री मनोज कुमार ने कहा कि यह उपलब्धि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, महात्मा गांधी के स्वदेशी विचारों और देशभर के करोड़ों कारीगरों की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने विश्वास जताया कि खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


