कलेक्टर का सख्त एक्शन: राहतगढ़ तहसीलदार को नोटिस, रीडर निलंबित; लापरवाही पर गिरी गाज

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कलेक्टर का सख्त एक्शन: राहतगढ़ तहसीलदार को नोटिस, रीडर निलंबित; लापरवाही पर गिरी गाज

सागर। कलेक्टर  प्रतिभा पाल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट कार्यालय के सभाकक्ष में राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राजस्व मामलों की व्यापक समीक्षा की गई। कलेक्टर ने स्पष्ट लहजे में कहा कि जनहित के कार्यों और राजस्व मामलों में किसी भी प्रकार की लेट लतीफी  नहीं होनी चाहिए। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों -कर्मचारियों पर तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।बैठक में न्यायालयवार आरसीएमएस में पंजीकृत, निराकृत और लंबित प्रकरणों की गहन समीक्षा की गई।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी राजस्व न्यायालयों के बाहर अनिवार्य रूप से वाद सूची  चस्पा की जाए और भौतिक दायरे/रजिस्टर आवश्यक रूप से बनाए जाएं। पुरानी शिथिल व्यवस्थाओं को तत्काल बंद किया जाए। न्यायालयीन आदेशों को अमल में लाने की नियमानुसार प्रक्रिया अपनाई जाए और ऐसा न होने की स्थिति में सीधे पीठासीन अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। विगत दिवस राहतगढ़ तहसील कार्यालय भ्रमण के दौरान कार्य में घोर लापरवाही पाए जाने पर कलेक्टर ने राहतगढ़ तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस तथा तहसीलदार राहतगढ़ के रीडर को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं।समय-सीमा की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने नामांतरण के लंबित मामलों को आगामी 10 दिनों में हर हाल में शून्य पर लाने के निर्देश दिए। बंटवारे के प्रकरण भी अधिकतम तीन महीने के भीतर अनिवार्य रूप से निराकृत होने चाहिए। वहीं, सीमांकन के लंबित मामलों को आगामी 10 दिनों के भीतर (बारिश शुरू होने से पहले) मौके पर जाकर निपटाने की सख्त समय-सीमा तय की गई है। इसके अलावा, फार्मर रजिस्ट्री के कार्य को गति देते हुए 15 अगस्त तक शत-प्रतिशत बायोमैट्रिक और बकेटिंग का कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
भू-अर्जन और बंडा सिंचाई परियोजना (उल्दन बांध) की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने कहा कि परियोजना के अंतर्गत आने वाले सभी प्रभावितों को मुआवजा राशि का शत-प्रतिशत भुगतान सुनिश्चित किया जाए। बंडा में जिन संरचनाओं को खाली किया जा चुका है, उन्हें समानांतर रूप से ढहाने की कार्रवाई आगामी भी पूर्ण कर शत-प्रतिशत शिफ्टिंग सुनिश्चित की जाए। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि भू-अर्जन के जितने भी मामले लंबित हैं, उनमें धारा अंतर्गत कार्रवाई, प्रकाशन और मुआवजा वितरण की समस्त कार्रवाई 15 जुलाई तक अनिवार्य रूप से पूर्ण की जाए। इसके साथ ही वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व से जुड़े भू-अर्जन मामलों की भी समीक्षा की गई।
बैठक में राजस्व वसूली की प्रगति बढ़ाने और नजूल भूमि के नवीनीकरण के लंबित मामलों का त्वरित निराकरण करने को कहा गया। राहत प्रकरणों में आरबीसी 6/4 के तहत मांग पत्र और आर्थिक सहायता के मामलों को समय पर निराकृत करने के निर्देश दिए गए। सीएम हेल्पलाइन तथा जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों का समय-सीमा के भीतर संतुष्टिपूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने की हिदायत दी गई। बैठक में मानसून पूर्व तैयारियां व कंट्रोल रूम की स्थापना, शासकीय स्कूलों में पुस्तकों की उपलब्धता, औषधि निरीक्षक व खाद्य सुरक्षा अधिकारी के साथ मिलकर मेडिकल और खाद्य प्रतिष्ठानों का नियमित संयुक्त निरीक्षण करने के कड़े निर्देश दिए गए।कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने सभी राजस्व अधिकारियों को मुस्तैदी से फील्ड में उतरकर काम करने और आमजन की समस्याओं को संवेदनशीलता से समय पर हल करने के निर्देश दिए। बैठक में अपर कलेक्टर से अविनाश रावत, सिटी मजिस्ट्रेट श्री गगन बिसेन, सभी एसडीएम, तहसीलदार और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

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