सागर में वाहन चेकिंग के दौरान हंगामा, पुलिस और युवक के आरोप-प्रत्यारोप

वाहन चेकिंग के दौरान हंगामा, पुलिस और युवक के आरोप-प्रत्यारोप

जनचिंगारी- सागर। शहर के राधा तिराहे पर शनिवार रात वाहन चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस और एक बाइक चालक के बीच हुए विवाद ने चर्चा का विषय बना दिया है। मामले में पुलिस और युवक दोनों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

कोतवाली पुलिस के अनुसार वाहन चेकिंग के दौरान एक बाइक चालक को रोकने का प्रयास किया गया। चालक ने पहले रुकने के संकेत की अनदेखी कर भागने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिसकर्मियों ने उसका पीछा कर उसे पकड़ लिया। पुलिस का दावा है कि युवक नशे की हालत में था तथा कार्रवाई के दौरान उसने अभद्रता करते हुए पुलिसकर्मियों के साथ झूमाझटकी की। पुलिस ने उसके खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम की धारा 185 के तहत कार्रवाई करते हुए वाहन जब्त कर लिया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की।

https://www.facebook.com/share/v/18krtZH61n/

वहीं युवक ने कोतवाली पुलिस के आरोपों को खारिज करते हुए पूरे घटनाक्रम का अलग पक्ष सामने रखा है। युवक पलाश जैन रामपुरा सागर का कहना है कि उसने पुलिस के इशारे पर अपनी बाइक रोक दी थी और वह अपने एक दोस्त को फोन लगाने लगा था। इसी दौरान पुलिसकर्मियों ने उसके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग शुरू कर दिया, जिससे विवाद की स्थिति बनी।

युवक का आरोप है कि उसने पुलिस से कहा था कि यदि कोई नियम उल्लंघन हुआ है तो उसका चालान बना दिया जाए, लेकिन उसे जबरन नशे में धुत बताया गया। युवक का कहना है कि उसने दोपहर करीब 3 बजे अपने खेत पर केवल एक बीयर पी थी, जबकि घटना रात करीब 8:30 बजे की है। उसका दावा है कि घटना के वीडियो में वह पूरी तरह सामान्य स्थिति में दिखाई दे रहा है।

युवक पलाश जैन ने आरोप लगाया में बाइक रख कर दूर जाकर अपने दोस्त को फोन लगाने वाला था कि एक पुलिसकर्मी ने पीछे से आकर मुझे पकड़ लिया में गिरने से बचा और संतुलन बनाने मैने पुलिसकर्मी का हाथ पकड़ना चाहा और उनकी वर्दी पकड़ में आ गई उसके बाद उसे वहां मौजूद पुलिसवालों और टीआई मनीष सिंघल मुझे घसीटकर ले गए और थाने के वाहन में बैठाया तथा गाली-गलौज भी की गई। उसका कहना है कि उसे रात लगभग 11 बजे थाने से छोड़ा गया, जबकि उसकी बाइक जब्त कर ली गई, जिसे अब न्यायालय की प्रक्रिया के बाद ही छोड़ा जाएगा।

घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर बहस छिड़ गई है। कुछ लोग पुलिस की कार्रवाई को कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक बता रहे हैं, जबकि कुछ लोगों का कहना है कि यदि युवक से कोई गलती हुई थी तो नियमानुसार चालान और कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए थी, न कि विवाद और धक्का-मुक्की की स्थिति बननी चाहिए थी।

फिलहाल मामले में दोनों पक्षों के अपने-अपने दावे हैं। ऐसे में घटना स्थल के सीसीटीवी फुटेज, वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here