मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नरयावली आगमन पर विशेष ट्रैफिक प्लान जारी, इन मार्गों पर प्रतिबंध

0

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नरयावली आगमन पर विशेष ट्रैफिक प्लान जारी, इन मार्गों पर प्रतिबंध

Ad 1

सागर। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के 23 अप्रैल 2026 को प्रस्तावित नरयावली दौरे को लेकर सागर यातायात पुलिस ने विस्तृत यातायात एवं पार्किंग व्यवस्था जारी की है। आमजन की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शहर और नरयावली क्षेत्र में कई मार्गों पर भारी वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध लगाया गया है, साथ ही वैकल्पिक मार्ग भी निर्धारित किए गए हैं।

भारी वाहनों के लिए प्रतिबंधित मार्ग

यातायात पुलिस के अनुसार, सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक गल्ला मंडी सागर से नरयावली की ओर जाने वाले सभी भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। इन वाहनों को भैंसा नाका होते हुए फोरलेन हाईवे से डायवर्ट किया जाएगा।

इसी प्रकार खुरई-बीना दिशा से आने वाले भारी वाहनों को भी नरयावली शहर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इन्हें जरुआखेड़ा से बांदरी फोरलेन मार्ग की ओर मोड़ा जाएगा।

हल्के वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग

चार पहिया और अन्य हल्के वाहन, जो कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे, उनके लिए भी वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं। सागर की ओर से आने वाले वाहन जेरई गांव होते हुए नरयावली कस्बे के आगे से ईशुरवारा रोड के जरिए खुरई-बीना की ओर जा सकेंगे।

वहीं खुरई-बीना से सागर की ओर आने वाले वाहन नरयावली कस्बे से पहले ईशुरवारा रोड का उपयोग कर सागर पहुंच सकेंगे।

पार्किंग की विशेष व्यवस्था

कार्यक्रम स्थल पर आने वाले गणमान्य नागरिकों और आमजन के लिए अलग-अलग पार्किंग स्थल बनाए गए हैं—

  • पार्किंग क्रमांक 1: कार्यक्रम स्थल के पास VIP वाहनों के लिए
  • पार्किंग क्रमांक 2: रेलवे स्टेशन रोड के पास, गल्ला मंडी की ओर से आने वाले दोपहिया, चारपहिया और बसों के लिए
  • पार्किंग क्रमांक 3: संदीपनी स्कूल के पास, जरुआखेड़ा दिशा से आने वाले वाहनों के लिए

यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि छोटे चारपहिया और दोपहिया वाहनों को आमसभा शुरू होने से एक घंटे पहले तक ही पार्किंग स्थलों में प्रवेश की अनुमति होगी।

आमजन से सहयोग की अपील

यातायात थाना सागर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि निर्धारित दिनांक को संभावित यातायात दबाव को देखते हुए प्रतिबंधित मार्गों का उपयोग न करें और वैकल्पिक मार्गों का ही सहारा लें। इससे यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहेगी और किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सकेगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here