हाईकोर्ट सख्त: 30 दिन में फिर शुरू हों सभी चेकपोस्ट, अवमानना याचिका
जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने ओवरलोडिंग पर नियंत्रण को लेकर राज्य सरकार को सख्त निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने स्पष्ट कहा है कि बंद किए गए सभी इंटर-स्टेट चेकपोस्ट 30 दिन के भीतर फिर से शुरू किए जाएं, अन्यथा अवमानना की कार्यवाही फिर से शुरू की जा सकती है।
यह आदेश न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने अवमानना याचिका (सिविल) क्रमांक 5447/2025 में सुनवाई के दौरान दिया। याचिकाकर्ता रजनीश त्रिपाठी ने आरोप लगाया था कि राज्य सरकार ने पूर्व में दिए गए आश्वासन और अदालत के आदेशों के बावजूद चेकपोस्ट बंद कर दिए, जो कोर्ट की अवमानना है।
मामले में बताया गया कि वाहनों में ओवरलोडिंग से सड़क हादसे, राजस्व हानि और पर्यावरणीय समस्याएं बढ़ रही थीं। इसको लेकर पहले दायर जनहित याचिका में सरकार ने चेकपोस्ट के माध्यम से निगरानी बनाए रखने का आश्वासन दिया था।
सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से कहा गया कि ओवरलोडिंग रोकने के लिए वैकल्पिक उपाय अपनाए जा रहे हैं, इसलिए अवमानना का मामला नहीं बनता। हालांकि कोर्ट ने इस तर्क को संतोषजनक नहीं माना और कहा कि पूर्व में दिए गए आश्वासन का पालन करना अनिवार्य है।
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि यदि अदालत में दिया गया आश्वासन पूरा नहीं किया जाता है तो यह अवमानना की श्रेणी में आता है। हालांकि सख्त कार्रवाई से पहले कोर्ट ने सरकार को एक और अवसर देते हुए 30 दिन में सभी चेकपोस्ट बहाल करने के निर्देश दिए हैं।
साथ ही स्पष्ट किया गया है कि तय समय सीमा में आदेश का पालन नहीं होने पर याचिकाकर्ता दोबारा अवमानना याचिका दायर कर सकता है।


