नरवाई जलाने पर कड़ा रुख: जुर्माना और एफआईआर के आदेश, राजस्व मामलों में तेजी लाने के निर्देश
सागर। ई-टोकन से ही हो उर्वरकों का वितरण, अन्य विधि से नहीं, नरवाई जलाने पर जागरुकता, जुर्माना वसूली एवं एफआईआर की कार्यवाही करें, आरसीएमएस प्रकरणों को प्राथमिकता से और शीघ्रता से निराकृत करें, राहत राशि के प्रकरणों का शीघ्रता से निपटान कर राहत राशि का वितरण सुनिश्चित करें, राजस्व प्रकरणों में आदेश होते ही आदेश का अमल सुनिश्चित करें एवं फार्मर रजिस्ट्री, नक्शा सुधार, फौती नामांतरण के प्रकरण लंबित न रहें। उक्त निर्देश कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक में दिए।
कलेक्टर प्रतिभा पाल ने अनुविभागवार और न्यायालयवार राजस्व प्रकरणों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि एसडीएम, तहसीलदार अपने- अपने न्यायालय में लंबित प्रकरणों का निराकरण करने के लिए पक्षकारों से संवाद स्थापित करें एवं अन्य विभागों के साथ समन्वय से कार्य करें। एसडीएम, तहसीलदार अपने अपने कार्यालय में जनसुनवाई आयोजित करें। जाति प्रमाण पत्र के अभाव में केस लंबित न हों। तालाबों पर अतिक्रमण हटाने का कार्य मिशन मोड पर संचालित करें और वर्षाकाल से पूर अतिक्रमण हटाने का कार्य पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि उपार्जन कार्य सुचारू रूप से संचालित हो इसके लिए समस्त एसडीएम अपने अपने अनुविभाग में आने वाले उपार्जन केंद्रों का निरीक्षण करें एवं आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चि करें। खरीदी, उठाव और परिवहन की व्यवस्था भी सुनिश्चित करें।
कलेक्टर पाल ने समस्त राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन के निर्देशानुसार राजस्व रिकॉर्ड डिजिटलाइजेशन का कार्य शीघ्रता, शुद्धता एवं पारदर्शिता से करें। जिले में फॉर्मर रजिस्ट्री का प्रतिशत बढ़ाएं, ताकि किसानों को असुविधा न हो। शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए फॉर्मर रजिस्ट्री आवश्यक है इसलिए खरीब सत्र की मांग आने से पूर फॉर्मर रजिस्ट्री का कार्य पूर्ण करें।
कलेक्टर ने समस्त राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए की राजस्व के समस्त अधिकारी, कर्मचारी आई गोट कर्मयोगी के अंतर्गत अपना पंजीयन कराएं एवं प्रशिक्षण प्राप्त करें। इसी प्रकार ईएचआरएमएस पोर्टल के माध्यम से अपनी अपनी सर्विस बुक को ऑनलाइन करें। इसी प्रकार नक्शा सुधार एवं अभिलेख दुरुस्ती के कार्य को पूरी गंभीरता से करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्रीमती पाल ने नियमित रूप से गांवों में बी-वन वाचन करने और मौके पर ही आवश्यक सुधार कार्य करने के लिए निर्देशित किया है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्राकृतिक प्रकोप, राहत राशि का भुगतान तत्काल प्रदान करें। उन्होंने नामांतरण, बंटवारा, अभिलेख दुरुस्ती, सीमांकन प्रकरणों की भी समीक्षा की।
कलेक्टर ने राजस्व वसूली की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि समस्त अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदार राजस्व वसूली पर भी विशेष ध्यान देते हुए कार्य करें। उन्होंने आरसीएमएस पोर्टल पर सभी जानकारी अद्यतन करने के निर्देश दिए हैं। राहत राशि वितरण की समीक्षा, निर्माण कार्यो (अनुरक्षण) की प्रगति की समीक्षा, सीएस मॉनिट, राहवीर, के प्रकरणों की समीक्षा भी की।
बैठक में अपर कलेक्टर अविनाश रावत, प्रभारी अधिकारी, राहत शाखा/राजस्व आंकिक/स्थापना शाखा/सी.एम. मॉनिट/भू-अर्जन/नजारत शाखा/न्यायिक शाखा जिला सागर,अनुविभागीय अधिकारी (समस्त),परियोजना अधिकारी शहरी विकास प्राधिकरण सागर, अधीक्षक भू-अभिलेख सागर, तहसीलदार/अपर तहसीलदार/नायब तहसीलदार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।


