अनधिकृत सॉफ्टवेयर से फर्जी टोल रसीदें बनाने का आरोप, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में जांच जारी
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के टोल प्लाजा पर कथित फर्जी टोल वसूली और रकम की हेराफेरी से जुड़े मामले में देशभर में बड़ी कार्रवाई शुरू की है। एजेंसी की लखनऊ जोनल ऑफिस से जुड़ी टीमों ने मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत 14 राज्यों में अलग-अलग ठिकानों पर तलाशी अभियान शुरू किया है। इस जांच के दायरे में मध्य प्रदेश के भी कई स्थान शामिल हैं।
ED की जांच के अनुसार, कुछ टोल प्लाजा पर टोल वसूली के लिए अधिकृत व्यवस्था के बजाय अनधिकृत सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है। आरोप है कि इस सॉफ्टवेयर के जरिए फर्जी टोल रसीदें तैयार की जा रही थीं। इसके बाद टोल से वसूली गई राशि को NHAI के आधिकारिक अकाउंटिंग सिस्टम में दर्ज करने के बजाय बाहर डायवर्ट किए जाने की आशंका है।
MP समेत कई राज्यों में ED की तलाशी
जांच एजेंसी की टीमें उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, NCR और कोलकाता सहित कई स्थानों पर परिसरों की तलाशी ले रही हैं। ED यह कार्रवाई PMLA की धारा 17 के तहत कर रही है।
एजेंसी के मुताबिक फॉरेंसिक जांच और NHAI से संबंधित रिकॉर्ड की पड़ताल के दौरान अनधिकृत सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल से जुड़े तथ्य सामने आए हैं। अब तलाशी के जरिए कथित फर्जीवाड़े से संबंधित डिजिटल डाटा, दस्तावेज और अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। साथ ही इस पूरे नेटवर्क से जुड़े लोगों और कथित लाभार्थियों की पहचान करने के साथ अपराध से हासिल रकम का भी पता लगाया जा रहा है।
FIR और ECIR के आधार पर आगे बढ़ी जांच
ED ने बताया कि मामले की जांच 22 जनवरी 2025 को दर्ज FIR संख्या 17 और 19 मई 2025 को दर्ज ECIR संख्या ECIR/ASZO/04/2025 के आधार पर की जा रही है। जांच एजेंसी अब कथित फर्जी टोल वसूली से जुड़े पूरे नेटवर्क, इसमें शामिल लोगों और उनके बीच हुए वित्तीय लेनदेन की विस्तृत पड़ताल कर रही है।








