IG कॉन्फ्रेंस में बोले CM डॉ. यादव- देश विरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों को बख्शा नही जाएगा

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भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्य प्रदेश पुलिस ने एक ऐसे नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जो भविष्य में पाकिस्तान के इशारों पर काम करते हुए देश की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन सकता था। उन्होंने कहा कि पुलिस ने समय रहते इस तंत्र को समाप्त कर बड़ी सफलता हासिल की है और आगे भी ऐसे तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

डॉ. यादव ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों के दौरान प्रदेश पुलिस ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने विशेष रूप से मध्य प्रदेश को नक्सलवाद के प्रभाव से मुक्त करने के प्रयासों का उल्लेख करते हुए इसे बड़ी उपलब्धि बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों जैसी नई चुनौतियों से निपटने में भी पुलिस ने प्रभावी भूमिका निभाई है।

मुख्यमंत्री ने पुलिस बल में रिक्त पदों की भर्ती को लेकर भी महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने बताया कि लगभग आठ वर्षों के अंतराल के बाद प्रदेश में 22 हजार पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इसके लिए नियमित रूप से हर वर्ष भर्ती प्रक्रिया संचालित की जाएगी ताकि पुलिस व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सके।

धार स्थित भोजशाला मामले का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि न्यायालय के निर्णय के बाद पुलिस ने पूरे घटनाक्रम को अत्यंत संयम और समझदारी के साथ संभाला। उन्होंने इस दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस की भूमिका की सराहना की।

पीड़ितों के प्रति संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई पर जोर

आईजी कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश के नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और कानून-व्यवस्था के प्रति उनका विश्वास बनाए रखना पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पीड़ितों के साथ सम्मानजनक और संवेदनशील व्यवहार किया जाए तथा उनके हितों की रक्षा के लिए बिना विलंब कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ 2028 करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा विशाल आयोजन होगा। ऐसे अवसर पर मध्य प्रदेश पुलिस को सतर्कता, सेवा भावना, संवेदनशीलता और सक्रियता के साथ उत्कृष्ट व्यवस्थाओं का उदाहरण प्रस्तुत करना होगा, जिससे प्रदेश की सकारात्मक पहचान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत हो सके।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि साइबर अपराधों की रोकथाम और आम लोगों को जागरूक बनाने के प्रयासों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। इसके अलावा सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, मानव तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने तथा धार्मिक स्थलों पर ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग को लेकर न्यायालयों द्वारा जारी निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।

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