सागर : पठा जलाशय परियोजना में देरी पर किसानों का फूटा गुस्सा, टड़ा-सिलवानी मार्ग पर चार घंटे तक रहा चक्काजाम
सागर। जिले की केसली तहसील में करीब 7 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन पठा जलाशय परियोजना का कार्य निर्धारित समय के बाद भी पूरा नहीं हो सका है। परियोजना में लगातार हो रही देरी से नाराज सैकड़ों किसानों ने सोमवार को टड़ा-सिलवानी मार्ग पर चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया।
किसानों के सड़क पर उतरने से मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात प्रभावित हो गया। स्थिति की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया और उनकी मांगों को सुना। प्रदर्शन कर रहे किसानों ने जल्द से जल्द परियोजना का कार्य पूरा कर पानी उपलब्ध कराने की मांग रखी।
किसान अर्पित यादव ने बताया कि वर्ष 2022 में तत्कालीन केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल ने पठा जलाशय परियोजना का भूमिपूजन किया था। उस समय दावा किया गया था कि परियोजना का निर्माण कार्य 18 महीने के भीतर पूरा कर लिया जाएगा, लेकिन चार साल बीत जाने के बाद भी काम अधूरा पड़ा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण एजेंसी ने काम को पेटी कॉन्ट्रैक्ट पर दे दिया, जिसके बाद ठेकेदार की लापरवाही के चलते नाला क्लोजिंग का महत्वपूर्ण कार्य लंबे समय से बंद पड़ा हुआ है। किसानों का कहना है कि इस संबंध में वे कई बार कलेक्टर कार्यालय में आवेदन दे चुके हैं। इसके अलावा एसडीएम केसली को भी ज्ञापन सौंपकर नाला क्लोजिंग का कार्य तत्काल शुरू कराने की मांग की गई थी।
किसानों ने प्रशासन को पहले ही चेतावनी दी थी कि यदि दो दिनों के भीतर निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इसके बावजूद काम शुरू नहीं होने पर किसानों का आक्रोश बढ़ गया और उन्होंने टड़ा-सिलवानी मार्ग पर चक्काजाम कर दिया।
प्रदर्शन की सूचना मिलने पर टड़ा चौकी और केसली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात पर नजर रखी। प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों को आश्वस्त किया कि परियोजना का शेष कार्य जल्द पूरा कराया जाएगा। अधिकारियों के आश्वासन के बाद आंदोलन समाप्त हुआ। इस दौरान करीब चार घंटे तक मार्ग पर यातायात बाधित रहा।


