मंत्रियों के विवादों से घिरी मोहन सरकार, मंत्रिमंडल विस्तार में कई चेहरों की हो सकती है छुट्टी ! 

0

मंत्रियों के विवादों से घिरी मोहन सरकार, मंत्रिमंडल विस्तार में कई चेहरों की हो सकती है छुट्टी ! 
भोपाल। मध्यप्रदेश की मोहन सरकार इन दिनों विपक्ष के हमलों से ज्यादा अपने मंत्रियों के विवादित बयानों और आपसी टकरावों को लेकर चर्चा में है। सरकार के ढाई साल के कार्यकाल में कई मंत्रियों के बयान राष्ट्रीय स्तर तक विवाद का कारण बने हैं। हालिया घटनाओं के बाद भाजपा संगठन में भी मंत्रियों के व्यवहार और कार्यशैली को लेकर मंथन शुरू हो गया है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि आगामी मंत्रिमंडल विस्तार में कुछ मंत्रियों की छंटनी हो सकती है।
सूत्रों के अनुसार सरकार और संगठन की हाल ही में हुई शीर्ष बैठक में मंत्रियों के प्रदर्शन, व्यवहार और विवादों का भी आकलन किया गया। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल मौजूद रहे। माना जा रहा है कि राष्ट्रीय नेतृत्व भी प्रदेश के मंत्रियों से जुड़े विवादों पर नजर बनाए हुए है।
इन मंत्रियों के विवाद बने चर्चा का विषय
विजय शाह: जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह द्वारा कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए गए विवादित बयान ने राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरीं। मामले को लेकर देशभर में विरोध हुआ और मामला अदालत तक पहुंच गया।
कैलाश विजयवर्गीय: नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी कई बार अपने बयानों के कारण विवादों में रहे। इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के दौरान पत्रकारों के सवाल पर उनकी टिप्पणी चर्चा में रही थी।
प्रतिमा बागरी: राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी के जाति प्रमाण पत्र को लेकर विवाद सामने आया है। कांग्रेस की ओर से उनके खिलाफ फर्जी जाति प्रमाण पत्र का आरोप लगाते हुए याचिका दायर की गई है।
एदल सिंह कंषाना: कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना का रेत माफिया को लेकर दिया गया बयान भी विवादों में रहा। उनके बयान के बाद विपक्ष ने सरकार को घेरने का प्रयास किया।
नागर सिंह चौहान: अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान पहले भी अपने बागी तेवरों को लेकर चर्चा में रहे हैं। हाल ही में उनके भाई द्वारा एक अधिकारी को कथित तौर पर धमकाने का मामला भी सामने आया था।
संपतिया उइके: लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री संपतिया उइके विभागीय मामलों को लेकर पहले भी सवालों के घेरे में रही हैं। हाल में मंत्री नागर सिंह चौहान को लेकर दिए गए उनके बयान ने दोनों मंत्रियों के बीच टकराव को सार्वजनिक कर दिया।
संगठन की बढ़ी चिंता
लगातार सामने आ रहे विवादों ने भाजपा संगठन की चिंता बढ़ा दी है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि विवादों का सिलसिला जारी रहा तो आगामी मंत्रिमंडल विस्तार में कुछ मंत्रियों की जिम्मेदारियों में बदलाव या उन्हें बाहर का रास्ता भी दिखाया जा सकता है। फिलहाल सबकी नजरें सरकार के संभावित विस्तार और संगठन के अगले फैसले पर टिकी हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here