क्रेशर खदान में नहाने गए तीन दोस्तों की मौत, बुझ गए घर के चिराग 18 घंटे चले सर्च ऑपरेशन के बाद बरामद हुए तीनों दोस्तों के शव

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क्रेशर खदान में नहाने गए तीन दोस्तों की मौत, बुझ गए घर के चिराग 18 घंटे चले सर्च ऑपरेशन के बाद बरामद हुए तीनों दोस्तों के शव

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सागर। सीएम ने जताया शोक, मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की सहायता राशि का ऐलान
सागर। जिले के बहेरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गुड़ा स्थित एक क्रेशर खदान में नहाने गए सात दोस्तों में से तीन युवकों की डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। मृतकों की उम्र 18 से 20 वर्ष के बीच बताई जा रही है और सभी सागर के कैंट क्षेत्र के निवासी थे। घटना पर मुख्यमंत्री ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।


प्राप्त जानकारी के अनुसार, भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए सात दोस्त ग्राम गुड़ा स्थित क्रेशर खदान में नहाने पहुंचे थे। खदान में पानी भरा हुआ था, जिसकी गहराई का सही अंदाजा युवकों को नहीं था। इसी दौरान तनिष्क कोरी पानी में उतरा और अचानक गहरे हिस्से में चला गया, जिससे वह डूबने लगा। उसे बचाने के लिए उसके साथी तुरंत पानी में कूद पड़े।
घटना में जीवित बचे दोस्त आयुष ने बताया कि तनिष्क को डूबता देख हम सभी उसे बचाने के लिए आगे बढ़े। लेकिन हालात उस समय और बिगड़ गए जब तेजराम पटेल और अभिषेक मलिक भी गहराई में फंसकर डूबने लगे। बताया जा रहा है कि दोनों को तैरना नहीं आता था, जिसके कारण वे खुद को संभाल नहीं सके और देखते ही देखते पानी में समा गए। कुछ ही पलों में खुशी का माहौल मातम में बदल गया।
घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही बहेरिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। इसके बाद राहत और बचाव कार्य के लिए राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीम को बुलाया गया। टीम ने मौके पर पहुंचकर सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
बुधवार शाम को SDRF की टीम ने सबसे पहले अभिषेक मलिक का शव बरामद कर लिया था। हालांकि रात में अंधेरा हो जाने के कारण सर्च ऑपरेशन को बीच में ही रोकना पड़ा। गुरुवार सुबह होते ही टीम ने दोबारा अभियान शुरू किया और कड़ी मशक्कत के बाद तनिष्क कोरी और तेजराम पटेल के शव भी खदान से बाहर निकाल लिए। तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
इस दर्दनाक हादसे के बाद मृतकों के परिवारों में कोहराम मचा हुआ है। अभिषेक मलिक अपने परिवार का इकलौता बेटा था। उसके पिता का पहले ही निधन हो चुका था और घर की पूरी जिम्मेदारी उसी के कंधों पर थी। वह ही परिवार का भरण-पोषण करता था। उसकी अचानक मौत से उसकी मां बेसुध है और पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
वहीं तेजराम पटेल भी अपने परिवार का इकलौता बेटा था। उसकी मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में शोक का माहौल बना हुआ है। तनिष्क कोरी के परिवार में भी मातम पसरा हुआ है और लोग इस हादसे से स्तब्ध हैं।
घटना पर मुख्यमंत्री ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह बेहद दुखद और पीड़ादायक घटना है। उन्होंने दिवंगत युवकों की आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की और शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। साथ ही उन्होंने प्रत्येक मृतक के परिजन को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि देने की घोषणा की है।
गौरतलब है कि क्षेत्र में कई क्रेशर खदानें हैं, जिनमें पानी भर जाने के बाद वे गहरे जलाशय का रूप ले लेती हैं। इन स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम और चेतावनी बोर्ड नहीं होने के कारण अक्सर इस तरह के हादसे सामने आते रहते हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसी खदानों के आसपास सुरक्षा घेराबंदी की जाए और लोगों को वहां जाने से रोका जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रशासन ने भी घटना को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कदम उठाने की बात कही है। यह हादसा एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि लापरवाही और सुरक्षा की कमी के चलते आखिर कब तक मासूम जिंदगियां यूं ही असमय काल के गाल में समाती रहेंगी।

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