सागर: आबकारी विभाग की टेंडर प्रक्रिया संपन्न, 3 दुकानों के साथ जिला आवंटन पूरा, माइनस का सौदा

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सागर: आबकारी विभाग की टेंडर प्रक्रिया संपन्न, घाटे के साथ 104 दुकानों का हुआ पूरा आवंटन

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सागर। जिले में मदिरा दुकानों के निष्पादन को लेकर चल रही लंबी जद्दोजहद आखिरकार समाप्त हो गई है। आबकारी विभाग द्वारा आयोजित 24वें चरण की ई-टेंडर प्रक्रिया के साथ ही जिले की सभी 104 दुकानों के टेंडर जैसे-तैसे पूरे कर लिए गए हैं। हालांकि, अंतिम दौर में प्रशासन को भारी घाटे का सामना करना पड़ा है, क्योंकि अधिकांश दुकानें सरकार द्वारा निर्धारित तय राशि से काफी कम कीमत पर नीलाम हुई हैं।

इन ठेकेदारों के नाम रहे टेंडर

विज्ञप्ति के बाद संपन्न हुई नीलामी प्रक्रिया में मुख्य रूप से पांच दुकानों के परिणाम सामने आए हैं। मधुकर शाह वार्ड शर्मा एसोसियेट का टेंडर 54 प्रतिशत माइनस में गया है। वहीं, गढ़ाकोटा की दुकान 54 प्रतिशत माइनस पर सोनू प्रजापति के नाम रही। गुजराती बाजार का टेंडर 54.5 प्रतिशत माइनस में जण्डेल सिंह ने प्राप्त किया, जबकि जमुनिया बंडा की दुकान 54 प्रतिशत माइनस पर जण्डेल सिंह कर्रापुर के खाते में गई। इसके अलावा गौरभ अठ्या ने 60 प्रतिशत माइनस की सबसे कम बोली के साथ टेंडर हासिल किया।

सरकार को राजस्व का घाटा

जिले की सभी दुकानों के टेंडर होने से आबकारी विभाग ने राहत की सांस तो ली है और अब विभाग टेंडर प्रक्रिया से पूरी तरह मुक्त हो गया है। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि अंतिम चरणों में भारी ‘माइनस’ (आरक्षित मूल्य से कम) पर दुकानें जाने से सरकार को मिलने वाले राजस्व में बड़ी चपत लगी है। प्रशासन के लिए यह सौदा फायदे की जगह घाटे का साबित हुआ है।

दुकानों पर ब्रांड का टोटा

टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद मदिरा प्रेमियों और ठेकेदारों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों की दुकानों में पसंदीदा ब्रांड्स की सप्लाई को लेकर अभी भी भारी कमी बताई जा रही हैं, दुकानों पर ब्रांड का टोटा होने के कारण ठेकेदारों को संचालन में परेशानी आ रही है, जिसका सीधा असर बिक्री पर पड़ने की संभावना है। बहरहाल, अब देखना यह होगा कि विभाग सप्लाई की इस कमी को कब तक दूर कर पाता है साथ ही रेट को लेकर भी अटकलें बनी है नई रेट सूची आने का इंतजार हैं।

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