नगर निगम में नौकरी का सपना दिखाकर 10.60 लाख की ठगी, पूर्व इंजीनियर समेत तीन पर केस
सागर। सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले कथित गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने नगर निगम के एक सेवानिवृत्त इंजीनियर, एक कर्मचारी और भोपाल निवासी व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। आरोप है कि तीनों ने दो युवकों को नगर निगम में नौकरी लगवाने का भरोसा देकर उनके परिवार से 10 लाख 60 हजार रुपये ऐंठ लिए।
जानकारी के अनुसार फरियादी पूनम अहिरवार ने पुलिस को बताया कि उनकी पहचान नगर निगम से सेवानिवृत्त इंजीनियर अहफाज हुसैन, नगर निगम कर्मचारी आरिफ और भोपाल निवासी मुजीब खान से हुई थी। आरोपियों ने अपने प्रभावशाली संपर्कों का हवाला देते हुए उनके दोनों बेटों को सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया। विश्वास में लेने के बाद आरोपियों ने नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाने के नाम पर मोटी रकम की मांग की।
फरियादी के मुताबिक 20 दिसंबर 2024 को इंटरनेट मीडिया के एक संदेश समूह में उनके दोनों बेटों के चयन होने का संदेश भेजा गया। इसके साथ ही खुरई में पदस्थापना और जल्द नियुक्ति आदेश जारी होने की बात कही गई। परिवार खुशी से झूम उठा, लेकिन दिन बीतते गए और नियुक्ति पत्र नहीं मिला। जब आरोपियों से जवाब मांगा गया तो वे लगातार नए-नए बहाने बनाकर मामले को टालते रहे।
शिकायत में बताया गया कि आरोपियों के कहने पर परिवार ने रिश्तेदारों और परिचितों से उधार लेकर अलग-अलग किश्तों में रकम जमा कराई। बैंक खातों में 5 लाख, 2 लाख, 1 लाख, 2 लाख, 40 हजार, 5 हजार और 15 हजार रुपये जमा किए गए। इस तरह कुल 10 लाख 60 हजार रुपये आरोपियों तक पहुंच गए।
नौकरी नहीं मिलने पर परिवार ने अपनी रकम वापस मांगी। जुलाई 2025 में आरोपियों ने सोशल मीडिया संदेश के जरिए पूरी राशि लौटाने का आश्वासन दिया और माफी भी मांगी, लेकिन आज तक एक भी रुपया वापस नहीं किया गया।
फरियादी का आरोप है कि यह कोई अकेला मामला नहीं है, बल्कि सरकारी नौकरी का लालच देकर लोगों को ठगने वाला एक संगठित नेटवर्क सक्रिय है। पुलिस ने शिकायत की जांच और बैंक खातों में हुए लेन-देन की पड़ताल के बाद तीनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी एवं अन्य संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
बताया गया है कि शिकायत पिछले वर्ष की गई थी। करीब छह माह तक चली जांच के बाद पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर मंगलवार को आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।


