भाग्योदय हॉस्पिटल विवाद- हक की लड़ाई या प्रबंधन पर सवाल ?- डॉ. सर्वेश जैन से खास बातचीत

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भाग्योदय हॉस्पिटल विवाद- हक की लड़ाई या प्रबंधन पर सवाल ? — डॉ. सर्वेश जैन से खास बातचीत

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सागर। शहर के चर्चित भाग्योदय हॉस्पिटल से जुड़ा विवाद एक बार फिर चर्चा में है। बकाया 37 हजार रुपये की मांग को लेकर सामने आए बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में पदस्थ डॉ. सर्वेश जैन ने पूरे मामले पर खुलकर अपनी बात रखी। चैनल एडिटर गजेंद्र ठाकुर और डॉ. जैन के बीच हुई बातचीत के प्रमुख अंश


प्रश्न: डॉक्साब, आप फिर विवादों में हैं। आखिर समस्या कहां है?
उत्तर (डॉ. सर्वेश जैन): यह पूरी तरह नजरिए का अंतर है। कुछ लोग मेरे द्वारा अपनी देनदारी मांगने को गलत मान सकते हैं, लेकिन मेरे लिए अपने साथ हुए अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना ही सही है। मैं इसे धर्म के खिलाफ नहीं, बल्कि सत्य के पक्ष में खड़ा होना मानता हूं।


प्रश्न: ताजा प्रकरण में भाग्योदय हॉस्पिटल से आपकी क्या शिकायत है?
उत्तर: अस्पताल या वहां के डॉक्टरों से मुझे कोई शिकायत नहीं है, वे मेरे मित्र हैं। मेरी आपत्ति केवल प्रबंधन के कुछ लोगों से है, जो मेरे ऑपरेशन चार्ज के 37 हजार रुपये में से 35% काटकर केवल 25 हजार रुपये देना चाहते हैं। पहले ऐसा नहीं होता था, इसलिए मैं इसका विरोध कर रहा हूं।


प्रश्न: क्या आप अपने निजी मामले को सार्वजनिक कर समाज की बदनामी नहीं कर रहे?
उत्तर: अपने मेहनताना का पैसा मांगना गलत नहीं है। जहां तक समाज की बात है, दान से चलने वाली संस्था के आय-व्यय की जानकारी समाज को मिलनी चाहिए। मैं कोई आंदोलनकारी नहीं हूं, लेकिन जब मेरे पैसे रोके जाते हैं तो आवाज उठाना जरूरी हो जाता है।


प्रश्न: आपने और आपके परिवार ने उसी संस्था में वर्षों काम किया, फिर अब विरोध क्यों?
उत्तर: यह सही है कि मैंने वहां आठ साल बिताए और मेरी पत्नी ने भी काम किया। मतभेद पहले भी थे, लेकिन जब खुद के पैसे अटकते हैं, तब व्यक्ति ज्यादा मुखर हो जाता है। हर बार विरोध करने पर ‘नेतागिरी’ का आरोप लगता है।


प्रश्न: जैन समाज के कुछ लोग आपसे नाराज हैं, इस पर क्या कहेंगे?
उत्तर: अधिकतर लोगों को पूरे तथ्य नहीं पता हैं। बिना जानकारी के किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना गलत है। मेरा मानना है कि धर्म को ऐसे विवादों से अलग रखना चाहिए और किसी के प्रति नफरत नहीं फैलानी चाहिए।


प्रश्न: अब आप क्या चाहते हैं?
उत्तर: मेरी पूरी फीस का भुगतान किया जाए और ट्रस्ट व प्रबंधन की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच हो।


प्रश्न: समाज के लिए आपका क्या संदेश है?
उत्तर: बिना पूरी जानकारी के किसी पक्ष का समर्थन या विरोध न करें। सत्य के आधार पर ही निर्णय लें।


बहरहाल भाग्योदय हॉस्पिटल से जुड़ा यह मामला अब केवल आर्थिक विवाद नहीं रहा, बल्कि पारदर्शिता और प्रबंधन पर सवाल खड़े कर रहा है। शहर में इस मुद्दे को लेकर बहस तेज है और सभी की नजर अब आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी है।

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