महिला कर्मचारी के साथ हुई थी छेड़छाड़, इस आरोपी को एक साल का सश्रम कारावास और जुर्माना

 

महिला कर्मचारी के साथ छेड़छाड़ करने वाले आरोपी को 01 वर्ष का सश्रम कारावास एवं अर्थदण्ड

सागर । महिला कर्मचारी के साथ छेड़छाड ़करने वाले आरोपी सर्वेष तिवारी ़को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी श्रीमती मीनू पचौरी दुबे, जिला-सागर की अदालत ने दोषी करार देते हुये भा.द.वि. की धारा-354 के तहत 01 वर्ष का सश्रम कारावास एवं पॉच सौ रूपये अर्थदण्ड, की सजा से दंडित किया है। मामले की पैरवी सहायक जिला अभियोजन अधिकारी श्रीमती अंजली नायक ने की।
घटना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि षिकायतकर्ता/ अभियोक्त्री ने थाना गोपालगंज में रिपोर्ट लेख कराई कि वह स्टेनो के पद पर कार्यरत है। दिनांक 16.03.2013 को वह अपने कर्तव्य पर उपस्थित थी तभी सर्वेश तिवारी आये एवं एक आवेदन अभियोक्त्री को दिया गया जिसमें लेख था कि उससे 10 मिनिट व्यक्तिगत रूप से बात करना चाहते है। आवेदन पढ़कर लेने से इंकार किया तो सर्वेश तिवारी ने उसे धमकी दी और फिर वह वहां से चला गया। दिनांक 21.03.2013 को शाम करीब 06.30 बजे जब वह कार्यालय से अपने निवास पैदल जा रही थी तो आरोपी उसका पीछा करते हुये उसके घर पर पहुंच गया और बोला कि आपसे अकेले में बात करनी है और अभियोक्त्री का हाथ बुरी नियत से पकड़ा तो अभियोक्त्री ने अपना हाथ झपटकर कहा कि आपसे बात करने के लिये मना कर चुकी हूं। फिर आरोपी उसे अष्लील शब्द कहते हुये चला गया । उसके बाद से दूसरे दिन न्यूज चेनल पर अभियोक्त्री के संबंध में एक टाईटल चल रहा था जिसके बारे मे उसे उसके साथी स्टाफ द्वारा बताया गया जिससे उसे काफी मानसिक प्रताड़ना हुई। उक्त रिपोर्ट के आधार पर थाने पर प्रकरण पंजीबद्ध कर मामला विवेचना में लिया गया, विवेचना के दौरान साक्षियों के कथन लेख किये गये, घटना स्थल का नक्शा मौका तैयार किया गया अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्रित कर थाना-गोपालगंज द्वारा धारा- 509, 354,294 भा.द.वि. एवं धारा-66(ए) सूचना प्रौधोगिकी अधिनियम 2000 का अपराध आरोपी के विरूद्ध दर्ज करते हुये विवेचना उपरांत चालान न्यायालय में पेश किया। अभियोजन द्वारा अभियोजन साक्षियों एवं संबंधित दस्तावेजों को प्रमाणित किया गया एवं अभियोजन ने अपना मामला संदेह से परे प्रमाणित किया । जहॉ विचारण उपरांत न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी श्रीमती मीनू पचौरी दुबे, जिला-सागर की न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुये उपरोक्त सजा से दंडित किया है।

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