एक साल से लापता व्यक्ति की हत्या का सनसनीखेज खुलासा- मोतीनगर पुलिस की कार्यवाही

एक साल से लापता व्यक्ति की हत्या का सनसनीखेज खुलासा- मोतीनगर पुलिस की कार्यवाही
सागर(मप्र)–/दिनांक 26/04/2019 को सुनील शुक्ला नि. राजीव नगर वार्ड मोतीनगर की दिनांक 12.04.19 से लापता होने की सूचना थाना मोतीनगर को मिली..
पुलिस ने बताया – पुलिस ने एक साल पुराने सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा किया है जिसमें आरोपियों ने मुखबिरी के शक में अपने ही साथी की बेरहमी से हत्या कर दी थी। मोतीनगर थाना में मृतक सुनील शुक्ला के परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की रीपोर्ट लिखाई थी जिसकी जांच करते हुए पुलिस के हांथ हत्यारों तक पहुच गए।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों में पहले सुनील को शराब पिलाई और फिर मारपीट कर बेहोशी की हालत में रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया और फिर ट्रेन की पटरी पर सर रखकर मृतक की पहचान छुपाने की कोशिश की। लेकिन इस षडयंत्र के बाद भी आरोपियों तक पुलिस पहुच गयी सागर पुलिस के एसपी अमित सांघी के निर्देशन में एक और 14 माह पुराना अंधे क़त्ल का मामला सुलझा लिया है। जिसमें आरोपी संजू घोषी ने अपने साथियों के साथ मिलकर अपने ही एक सहअपराधी की हत्या की थी। दरअसल पुलिस के पास सुनील शुक्ला के परिवार ने 26 अप्रैल 2019 को उसके गुमशुदगी की रीपोर्ट लिखाई थी, मामला शायद तारीख के पन्नों में दफ्न हो जाता लेकिन मोतीनगर पुलिस की लगातार छानबीन से ये बात सामने आई की सुनील हिस्ट्री शीटर संजू घोषी के साथ ही अवैध शराब जैसे काले धंधे में सहियोगी था। पुलिस ने अपने मुखबिर तंत्र को एक्टिव किया तो पाया कि सुनील शुक्ला के लापता होने से पहले उसका संजू घोषी से ही कुछ विवाद हुआ था, जब पुलिस ने संजू घोषी और उसके कुछ गुर्गों से सख्ती से पूछताछ की तो सारा किस्सा सामने आ गया। संजू घोषी ने अपने कबूलनामें में बताया की उसे सुनील शुक्ला पर उसकी ही अवैध शराब पकड़वाने का शक था और 11 अप्रैल को उसका इसी बात पर सुनील शुक्ला से विवाद हुआ और आरोपी संजू घोषी ने वीरू तिवारी के घर पर सुनील को पहले शराब पिलाई और फिर मारपीट की और फिर एक कार में उसे रतौना रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया जहाँ उसका सर पटरी पर रख दिया गया ताकि उसकी शिनाख्त न हो सके और इस तरह से सुनील शुक्ला की उसने बेरहमी से हत्या कर दी, पुलिस ने संजू सहित 6 लोगों को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है जबकि 2 अन्य फरार हैं। संजू घोषी पर शराब के अवैध कारोबार के अलावा करीब 15 मामले दर्ज हैं जिनमें एक रेल कर्मी की हत्या कर जलाने का भी मामला है।
टीम में- उप पुलिस अधीक्षक अर्चना रावत, सतीश सिहं निरी. थाना प्रभारी मोतीनगर उनि. नेहा गुर्जर , सुमित शर्मा, आरक्षक प्रदीप शर्मा, आरक्षक रविन्द्र पवार, आरक्षक अमित चौबे, आरक्षक जय सिहं, आरक्षक मुकेश कुमार, आर. हिमानी तिवारी ,सैनिक राजेन्द्र ठाकुर साइवर सेल आरक्षक सौरभ रैकवार, अमित शुक्ला की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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