कांवड़ यात्रा के दौरान विवाद में युवक पर हमला, केंट थाने में तीन आरोपियों पर मामला दर्ज
सागर। कांवड़ यात्रा के दौरान रास्ते में हुए विवाद के बाद एक युवक पर डंडे से हमला किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित सुरखी थाना क्षेत्र के ग्राम राजाखेड़ा का निवासी है, जबकि घटना सागर के केंट थाना क्षेत्र में हुई। घायल का जिला अस्पताल में उपचार कराने के बाद केंट थाना पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

एफआईआर के अनुसार ग्राम राजाखेड़ा निवासी कमलेश पटेल ने पुलिस को बताया कि 28 जुलाई 2026 की रात करीब 8:20 बजे वह अपने पुत्र शिवांश पटेल के साथ हरिद्वार से कांवड़ लेकर लौट रहे थे। कांवड़ यात्रा के दौरान दोनों ग्राम कुड़ारी के पास सड़क किनारे एक पीपल के पेड़ के नीचे बने मंदिर के पास कांवड़ रखकर विश्राम कर रहे थे।
इसी दौरान वहां तीन युवक पहुंचे, जो कथित रूप से शराब के नशे में थे। फरियादी के अनुसार तीनों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। जब शिवांश पटेल ने इसका विरोध करते हुए वहां से जाने के लिए कहा तो आरोपी भड़क गए। उन्होंने अपना नाम रजेश यादव, आदित्य साहू और रत्नेश जैन बताया और कहा कि “यह हमारी गली है, बिना पूछे यहां नहीं रुक सकते।”शिकायत के अनुसार इसके बाद विवाद बढ़ गया और आरोपियों ने डंडे से शिवांश पटेल के सिर पर हमला कर दिया। सिर में गंभीर चोट लगने से वह लहूलुहान होकर गिर पड़ा। बीच-बचाव करने पहुंचे लोगों के साथ भी आरोपियों ने अभद्रता की और जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से चले गए।
घटना के बाद घायल शिवांश को डायल-112 की मदद से जिला अस्पताल सागर ले जाया गया, जहां उसका उपचार कराया गया। उपचार के बाद कमलेश पटेल ने केंट थाने पहुंचकर घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई।
केंट थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर रजेश यादव, आदित्य साहू और रत्नेश जैन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 296, 115(2), 351(2), 3(5) सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस घटना के कारणों और सभी तथ्यों की जांच कर रही है।
करणी सेना ने की सख्त कार्रवाई की मांग
मामले को लेकर करणी सेना के जिला अध्यक्ष शैलेन्द्र सिंह अपनी टीम के साथ केंट थाना पहुंचे और थाना प्रभारी से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। उन्होंने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग करते हुए कहा कि कांवड़ यात्रा जैसे धार्मिक आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं पर हमला बेहद गंभीर मामला है। दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई कर उन्हें शीघ्र गिरफ्तार किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। पुलिस अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल को निष्पक्ष जांच और कानून के अनुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया।


