186 वर्ष पुरानी सार्वजनिक तिसाला बड़ी पूजा रथ यात्रा कल, लड़कियों का डमरू दल और शेर नृत्य होंगे आकर्षण
सागर। शहर की 186 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक एवं धार्मिक परंपरा सार्वजनिक तिसाला बड़ी पूजा रथ यात्रा का आयोजन कल दोपहर 1 बजे शीतला माता मंदिर, भीतर बाजार से प्रारंभ होगा। आयोजन को लेकर भीतर बाजार सहित पूरे यात्रा मार्ग को आकर्षक ढंग से सजाया गया है और तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
आयोजन समिति के सदस्य विकास केसरवानी ने बताया कि रथ यात्रा शीतला माता मंदिर से शुरू होकर चूना की डांट, नमक मंडी, कटरा मस्जिद, राधा तिराहा, पुरानी सदर होते हुए सेमरा पहुंचेगी, जहां धार्मिक विधि-विधान के साथ रथ का विसर्जन किया जाएगा। यात्रा मार्ग में 100 से अधिक स्थानों पर श्रद्धालु रथ यात्रा का स्वागत करेंगे और प्रसादी का वितरण किया जाएगा।
रथ यात्रा का स्वागत भारतीय जनता पार्टी, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, जिला क्षत्रिय समाज, सागर मुस्लिम समाज सहित विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों द्वारा किया जाएगा। जामा मस्जिद के समीप मुस्लिम समाज भी रथ यात्रा का स्वागत करेगा, जो आपसी सौहार्द का संदेश देगा।
रथ यात्रा में 20 अखाड़े, 10 बैंड पार्टियां, हाथी-घोड़े, रमतुला दल, दलदल घोड़ी, 10 भजन मंडलियां तथा धार्मिक एवं सांस्कृतिक झांकियां शामिल रहेंगी। श्रीराम अखाड़ा के नन्हे कलाकार हैरतअंगेज करतब दिखाएंगे, जबकि लड़कियों का डमरू दल और शेर नृत्य प्रमुख आकर्षण होंगे।
आयोजन समिति के अनुसार 20 से 30 जुलाई तक विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। इस दौरान सात धार छोड़ी गईं, प्रसाद का भोग लगाया गया, भीखी मांगी गई, बिसौला मनाया गया, रात्रि जागरण एवं महिलाओं द्वारा भजन-कीर्तन आयोजित किए गए।
समिति सदस्य राजेश साहू एवं राम केसरवानी ने बताया कि इस वर्ष अष्टकुंडीय रथ का भव्य मखमली गुंबद विशेष आकर्षण रहेगा। रथ निर्माण में उपयोग की गई सामग्री अहमदाबाद, दिल्ली और इंदौर से मंगाई गई है।
समिति के सदस्यों ने बताया कि रथ यात्रा की पारंपरिक विशेषता श्रद्धालुओं का नींबू से उतारा करना है, जिसे शुभ एवं मंगलकारी माना जाता है। यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं को पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए 1100 पौधों का भी वितरण किया जाएगा।


