हाईकोर्ट का सख्त आदेश, सागर में नहीं दिखा असर: बिजली के खंभों से लेकर चौराहों तक अब भी टंगे हैं अवैध बैनर-पोस्टर
सागर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट द्वारा प्रदेशभर में अवैध राजनीतिक, धार्मिक और सामाजिक बैनर-होर्डिंग 24 घंटे के भीतर हटाने के निर्देश दिए जाने के बावजूद सागर शहर में इसका खास असर दिखाई नहीं दे रहा है। शहर के प्रमुख चौराहों, सड़कों, बिजली के खंभों, डिवाइडरों और सार्वजनिक स्थानों पर आज भी बड़ी संख्या में अवैध पोस्टर, पंपलेट, फ्लेक्स और कटआउट लगे हुए देखे जा सकते हैं।
शहर ही नहीं, जिले के कई नगरों और कस्बों में भी यही स्थिति बनी हुई है। सार्वजनिक संपत्तियों पर बिना अनुमति लगाए गए प्रचार सामग्री न केवल नियमों का उल्लंघन कर रही है, बल्कि शहर की सुंदरता को भी प्रभावित कर रही है। कई स्थानों पर बिजली के खंभों पर चिपकाए गए पोस्टर और बड़े फ्लेक्स सुरक्षा की दृष्टि से भी चिंता का विषय बने हुए हैं।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि शिकायत मिलने पर संबंधित निकाय को 24 घंटे के भीतर अवैध होर्डिंग हटाने होंगे तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। इसके बावजूद सागर में अब तक व्यापक स्तर पर कार्रवाई नजर नहीं आई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से अवैध बैनर और होर्डिंग खुलेआम लगाए जाते रहे हैं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से यह सिलसिला जारी है।
शहर में यह भी चर्चा है कि इस पूरे नेटवर्क के पीछे कथित रूप से कुछ ठेकेदारों और संबंधित विभागों के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत हो सकती है। हालांकि, इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित एजेंसियों द्वारा इसकी जांच की जानी चाहिए।
अब सवाल यह है कि हाईकोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बाद सागर जिला प्रशासन और नगर निगम कब व्यापक अभियान चलाकर अवैध बैनर, पोस्टर और होर्डिंग हटाने की कार्रवाई शुरू करेंगे।


