नकली कफ सिरप नेटवर्क पर STF का शिकंजा, सागर से एक आरोपी हिरासत में, बड़े नेटवर्क की आशंका

नकली कफ सिरप नेटवर्क पर STF का शिकंजा, सागर से एक आरोपी हिरासत में, बड़े नेटवर्क की आशंका

भोपाल/ सागर। मध्य प्रदेश में नकली और नशीले कफ सिरप के बड़े नेटवर्क पर स्पेशल टास्क फोर्स यानी STF का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। भोपाल में करीब डेढ़ करोड़ रुपये के नकली कफ सिरप मामले की जांच में सागर कनेक्शन सामने आने के बाद STF ने दूसरी बार सागर में दबिश दी है।

जानकारी के अनुसार, लक्ष्मीपुरा निवासी मोनू जैन उर्फ मोनू मस्त को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए भोपाल ले जाया गया है। इससे पहले मेडिकल स्टोर संचालक सिटीजन जैन को इस मामले में सह-आरोपी बनाया गया था। STF ने उनके मेडिकल स्टोर और गोदाम की तलाशी लेकर संदिग्ध दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन की जांच की थी। गौरतलब हैं कि पूर्व में भी यह रीवा में पकड़ा गया था फिर जेल यात्रा हुई थी परिजनों समेत, हालांकि सागर पुलिस और ड्रग यूनिट ने इसके यहाँ अनेक बार दविश दी पर कथित राजनेतिक संरक्षण के कारण यहां कार्यवाई संभव नहीं हो पाई!

सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान मेडिकल से कुछ संदिग्ध नशीली दवाएं भी मिली थीं। अब एजेंसी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और वित्तीय लेन-देन की भी पड़ताल कर रही है।

गौरतलब है कि जून माह में भोपाल के गांधीनगर क्षेत्र में STF ने नकली और कोडीनयुक्त कफ सिरप की अवैध री-पैकिंग फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया था। जांच में खुलासा हुआ था कि यहां से तैयार नकली कफ सिरप प्रदेश के कई जिलों में सप्लाई किया जा रहा था। इसी जांच के सिलसिले में STF पहले भी सागर आकर पगारा रोड स्थित गोदाम समेत कई स्थानों पर छापेमारी कर चुकी है।

फिलहाल STF पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है और मामले में आगे भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। स्थानीय पुलिस ने इस मामले में फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

सूत्रों के अनुसार, STF की जांच में मोनू से जुड़े बैंक खातों की भी पड़ताल की गई है, जिसमें बड़े पैमाने पर वित्तीय लेन-देन सामने आने की जानकारी मिली है। जांच एजेंसी अब इन ट्रांजेक्शनों से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाल रही है। वहीं, गोपनीय सूत्रों का दावा है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए कुछ लोगों ने भोपाल में डेरा डाल रखा है और प्रकरण को प्रभावित करने की कोशिशें भी की जा रही हैं, दरअसल मोनू मस्त एक मात्र मुहरा बताया जा रहा हैं इस पूरे नेटवर्क के पीछे कुछ नामचीन लोगो के होने का अंदेशा हैं।

बहरहाल, पूरे मामले में STF की जांच जारी है और उम्मीद की जा रही है कि जांच पूरी होने के बाद नकली कफ सिरप नेटवर्क, वित्तीय लेन-देन और इससे जुड़े सभी लोगों की भूमिका पर पूरा सच सामने आएगा।

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