दांतों की सुरक्षा में आई अत्याधुनिक तकनीक, जागरूकता सबसे जरूरी : डॉ. प्रिया सिसोदिया
सागर। दांतों के उपचार और देखभाल के क्षेत्र में आधुनिक तकनीक ने उल्लेखनीय प्रगति की है, लेकिन इसके साथ लोगों में जागरूकता बढ़ाना भी बेहद आवश्यक है। यह बात सागर की दंत चिकित्सक डॉ. प्रिया सिसोदिया ने कही। उन्होंने कहा कि आज दंत चिकित्सा में अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग हो रहा है, जिससे उपचार पहले की अपेक्षा अधिक सुरक्षित, प्रभावी और सुविधाजनक हो गया है तथा सागर के लोगों को भी इन आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिलना चाहिए।
डॉ. प्रिया सिसोदिया सागर के प्रसिद्ध सिसोदिया दंत चिकित्सक परिवार की तीसरी पीढ़ी से हैं। वह शहर के प्रतिष्ठित बंदूक वाले गुप्ता परिवार के शांतनु गुप्ता की पत्नी एवं योगेंद्र गुप्ता की बहू हैं। हाल ही में उन्हें चेन्नई में आयोजित इंटरनेशनल कांग्रेस ऑफ ओरल इम्प्लांटोलॉजी (यूएसए) द्वारा फेलोशिप (FICOI) की प्रतिष्ठित उपलब्धि प्राप्त हुई है।
डॉ. प्रिया ने बीडीएस के साथ यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर से मास्टर ऑफ पब्लिक हेल्थ की डिग्री प्राप्त की है और वर्तमान में सागर में अपनी सेवाएं दे रही हैं। उन्होंने बताया कि आज सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े कई ऐसे मुद्दे सामने आ रहे हैं, जिनमें बीमारियों का संबंध किसी विशेष क्षेत्र, समुदाय, जीवनशैली या आदतों से भी हो सकता है। ऐसे मामलों में केवल लक्षणों का उपचार पर्याप्त नहीं होता, बल्कि बीमारी के मूल कारणों को समझकर उपचार करना अधिक प्रभावी होता है।
डॉ प्रिया सिसोदिया ने बताया कि दांतों को लेकर कई तरह की भ्रांतियां अभी भी है। जबकि काफी बदलाव आ चुका है जैसे ब्रश करने से लेकर इनको रखने तक में सतर्कता जरूरी है। जैसे हमें किस प्रकार के कैसे ब्रश का उपयोग करना चिहिए उसे कब और क्यों बदलना ज़रूरी होता हैं ब्रश को कीटाणुओं और गंदगी से बचाकर रखना चाहिए। उन्होंने बताया कि सुबह से ज्यादा जरूरी रात में दांतों को ब्रश करके ही सोना चाहिए इससे दांत और अधिक स्वस्थ रहते हैं यह भी आवश्यक है कि लगभग हर छै: माह में दांतों का चेकअप ज़रूर करवाया जाना चाहिये।


