सागर में हाईवे किनारे घायल बाघ का 9 घंटे बाद रेस्क्यू, जबलपुर भेजा जाएगा
पन्ना टाइगर रिजर्व की टीम ने किया रेस्क्यू
सागर। नेशनल हाईवे-44 पर गुरुचौपड़ा के पास बरकोटी के जंगल में सोमवार को सड़क किनारे घायल बाघ मिलने से हड़कंप मच गया। बाघ को देखने के लिए ग्रामीणों और राहगीरों की भीड़ जमा हो गई। लोगों की भीड़ के बीच बाघ पत्थरों के पीछे छिपकर बैठ गया। वह ठीक से चल नहीं पा रहा था। उसके पैरों में चोट लगने की आशंका जताई गई।
सूचना मिलते ही गौरझामर वन परिक्षेत्र की टीम मौके पर पहुंची और वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दी। बाघ के रेस्क्यू के लिए पहले वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व की टीम बुलाई गई, लेकिन वह रेस्क्यू नहीं कर सकी। इसके बाद पन्ना टाइगर रिजर्व की टीम को बुलाया गया।
करीब 9 घंटे की मशक्कत के बाद शाम लगभग 7 बजे बाघ को ट्रेंकुलाइज कर बेहोश किया गया। इसके बाद उसका प्राथमिक उपचार किया गया। वन विभाग बाघ को अपने कार्यालय ले गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए जबलपुर भेजने की तैयारी है।
वाहन की टक्कर से घायल होने की आशंका
घटनास्थल के पास से नेशनल हाईवे-44 गुजरता है और दोनों ओर जंगल है। ऐसे में आशंका है कि बाघ हाईवे पार करते समय किसी वाहन की चपेट में आ गया होगा। हालांकि, घायल होने के वास्तविक कारणों की पुष्टि नहीं हुई है।
गौरतलब है कि दिसंबर 2024 में भी बरकोटी घाटी के गुरुचौपड़ा के पास वाहन की टक्कर से एक तेंदुए की मौत हो गई थी। इस घटना ने एक बार फिर हाईवे से लगे वन क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।








