मुख्य विषय-वस्तु पर जाएं (Skip to main content)

तिरुपति कोरियर सर्विष सवालों के घेरे में ? दिल्ली से सागर पार्सल पहुंचने में 8 दिन, ग्राहक खुद लगा रहा चक्कर

By: गजेंद्र ठाकुर•
Sponsor Ad
तिरुपति कोरियर सर्विष सवालों के घेरे में ? दिल्ली से सागर पार्सल पहुंचने में 8 दिन, ग्राहक खुद लगा रहा चक्कर

कोरियर के नाम पर कैसी सेवा? दिल्ली से सागर पार्सल पहुंचने में 8 दिन, ग्राहक खुद लगा रहा चक्कर

श्री तिरुपति कोरियर सर्विस पर उठे सवाल, सप्ताह में एक दिन क्षेत्र में आने का दावा; समय पर डिलीवरी के वादे पर सवालिया निशान

सागर। कोरियर सेवा का मतलब होता है सामान को तय समय में ग्राहक तक पहुंचाना, लेकिन जब पार्सल पाने के लिए ग्राहक को ही बार-बार चक्कर लगाने पड़ें, तो ऐसी सेवा की उपयोगिता पर सवाल उठना लाजिमी है। श्री तिरुपति कोरियर सर्विस का एक मामला सामने आया है, जिसमें दिल्ली से सागर के लिए 26 तारीख को बुक किया गया पार्सल 2 तारीख तक यानी आठ दिन बीतने के बाद भी संबंधित व्यक्ति को नहीं मिला।

पार्सल का इंतजार कर रहा व्यक्ति अब खुद इधर-उधर संपर्क करने और जानकारी जुटाने के लिए परेशान हो रहा है। बताया जा रहा है कि कोरियर कंपनी की ओर से यह कहा गया कि संबंधित क्षेत्र में सप्ताह में केवल एक दिन कर्मचारी पहुंचते हैं। इसके बावजूद शिकायत है कि एक सप्ताह में भी उस इलाके में डिलीवरी के लिए फेरी नहीं लगी।

सवाल यह है कि जब शहर के भीतर ही पार्सल पहुंचाने में इतने दिन लग रहे हैं, तो कंपनी की डिलीवरी व्यवस्था कितनी प्रभावी है? क्या ग्राहक को पार्सल बुक करते समय यह बताया जाता है कि उसके क्षेत्र में सप्ताह में केवल एक दिन डिलीवरी होगी? और यदि तय दिन पर भी कर्मचारी नहीं पहुंचते, तो इसकी जवाबदेही किसकी होगी?

कोरियर सेवा की पहचान तेज और भरोसेमंद डिलीवरी से होती है। यदि ग्राहक को अपना ही पार्सल पाने के लिए लगातार चक्कर लगाने पड़ें, तो सेवा और परेशानी के बीच का अंतर मिटने लगता है। ऐसे मामलों में कंपनी के प्रबंधन को अपनी व्यवस्था की समीक्षा कर ग्राहकों की शिकायतों का समय पर समाधान करना चाहिए।

गजेंद्र ठाकुर

By: गजेंद्र ठाकुर

खबर का असर .com (KKA) डिजिटल टीम - निष्पक्ष और सटीक पत्रकारिता के साथ खबरों की ग्‍लोबल अपडेट्स।

61,87,654 +
Total Visitors

अन्य संबंधित और ताज़ा ख़बरें

सभी समाचार देखें →