रात के अंधेरे में सरकारी गेहूं उतारने का खेल!, 275 बोरियों से भरा ट्रक जब्त, फ्लोर मिल सील
सागर। सरकारी गेहूं को निर्धारित केंद्र तक पहुंचाने के बजाय निजी फ्लोर मिल में उतारने का संदिग्ध मामला सामने आया है। अन्नदूत योजना के तहत साईंखेड़ा वेयरहाउस से निकला करीब 155 क्विंटल गेहूं छोटा करीला स्थित एमके इंटरप्राइजेज फ्लोर मिल पहुंच गया। यहां रात के अंधेरे में गेहूं की बोरियां उतारी जा रही थीं। सूचना मिलते ही पुलिस और खाद्य विभाग की टीम ने दबिश देकर कार्रवाई की।
ट्रक में गेहूं की करीब 275 बोरियां लदी थीं। शुरुआती जांच में मामला संदिग्ध पाए जाने पर अधिकारियों ने ट्रक जब्त कर मोतीनगर थाने में खड़ा कराया और फ्लोर मिल के गोदाम को सील कर दिया।
भैंसा जाना था ट्रक, पहुंच गया निजी फ्लोर मिल
जानकारी के अनुसार ट्रक चालक भरत पटेल साईंखेड़ा वेयरहाउस से गेहूं लेकर निकला था। उसे किसी रोहित के कहने पर पर्ची देकर विशिष्ट खरीद केंद्र (SPC) के लिए रवाना किया गया था। ट्रक को भैंसा पहुंचना था, लेकिन निर्धारित स्थान पर पहुंचने के बजाय वह छोटा करीला स्थित निजी फ्लोर मिल पहुंच गया। यहां गेहूं उतारने की गतिविधि चल रही थी।
किसके इशारे पर बदला सरकारी गेहूं का रास्ता?
कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने चालक भरत पटेल के बयान दर्ज किए हैं। सहायक खाद्य आपूर्ति अधिकारी सौरभ यादव के मुताबिक ट्रक में करीब 155 क्विंटल गेहूं मिला है। मिल के गोदाम को सील कर ट्रक जब्त किया गया है। पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि सरकारी गेहूं से भरा ट्रक निर्धारित केंद्र तक पहुंचने के बजाय निजी फ्लोर मिल कैसे पहुंचा? इस पूरे मामले में किसकी भूमिका थी और सरकारी गेहूं को निजी मिल में उतारने के पीछे क्या वजह थी? जांच के बाद ही पूरे खेल का खुलासा हो सकेगा।








