डीएसीपी भुगतान पर मेडिकल कॉलेज में टकराव, डॉ. जैन ने उठाए सवाल तो डीन ने गिनाई प्रगति
सागर। बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में डीएसीपी भुगतान और प्रक्रिया को लेकर सवालों के बीच विभागाध्यक्ष और कॉलेज प्रबंधन के पक्ष सामने आए हैं। एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. सर्वेश जैन ने स्थापना शाखा के लिपिक इमरान की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए डीन से स्पष्टीकरण लेने की मांग की है। वहीं, डीन ठाकुर ने 33 लोगों के बिल ट्रेजरी भेजने और 17 की सर्विस बुक जेडी कार्यालय भेजे जाने की जानकारी देकर प्रक्रिया आगे बढ़ने की बात कही है।
29 अक्टूबर को लिखे पत्र में डॉ. जैन ने आरोप लगाया कि मौखिक निर्देशों के बावजूद डीएसीपी संबंधी तुलनात्मक पत्रक तैयार नहीं किया गया। पत्र के अनुसार, व्यस्तता का हवाला देकर काम टाला जाता रहा। डॉ. जैन ने यह भी उल्लेख किया कि उन्होंने 16 अक्टूबर को चिकित्सा शिक्षक संघ के अध्यक्ष की हैसियत से डीन को लिखित रूप में मामले से अवगत कराया था। डीएसीपी समिति के अध्यक्ष डॉ. रमेश पाण्डेय द्वारा मौखिक निर्देश दिए जाने के बावजूद काम नहीं होने की बात भी पत्र में कही गई है।
दूसरी ओर, डीन ठाकुर का कहना है कि 33 लोगों के बिल तैयार होकर ट्रेजरी भेजे जा चुके हैं, जबकि 17 लोगों की सर्विस बुक जेडी कार्यालय भेजी गई हैं। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद आगे की कार्रवाई होगी। डीन ने यह भी कहा कि समिति की बैठक हर माह होनी थी, लेकिन बैठकें नहीं हो सकीं। हाल ही में हुई पहली बैठक में यह स्थिति सामने आई। डॉ. सर्वेश जैन स्वयं भी डीएसीपी समिति के सदस्य हैं।
एक ओर तुलनात्मक पत्रक तैयार नहीं होने को लेकर जिम्मेदारी तय करने की मांग उठ रही है, तो दूसरी ओर भुगतान प्रक्रिया में हुई प्रगति का हवाला दिया जा रहा है। ऐसे में सवाल है कि डीएसीपी से जुड़े काम में देरी की वास्तविक वजह क्या रही और जिम्मेदारी किसकी है? फिलहाल, इस संबंध में संबंधित पक्षों के बीच स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।








