नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री का शहर में औचक निरीक्षण, इंजीनियर हक्केबक्के रह गए, लगी सबकी क्लास
सागर। नगर निगम आयुक्त एवं सागर स्मार्ट सिटी के कार्यकारी निदेशक राजकुमार खत्री ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों का औचक निरीक्षण कर निगम अमले की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर अधूरे कार्य, सुरक्षा संबंधी कमियां और रखरखाव की खामियां सामने आने पर उन्होंने इंजीनियरों को मौके पर ही फटकार लगाई और स्पष्ट शब्दों में कहा कि लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उनके अचानक निरीक्षण से निगम का अमला हक्केबक्का रह गया।
संजय ड्राइव रोड स्थित ब्रिज का निरीक्षण करते हुए आयुक्त ने इंजीनियरों से ड्राइंग-डिजाइन की तकनीकी जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि सड़क सुरक्षा समिति का अभिमत लेकर बीच में बने डिवाइडर की वर्तमान उपयोगिता का परीक्षण किया जाए। यदि तकनीकी रूप से संभव हो और ब्रिज की संरचना पर कोई प्रभाव न पड़े तो नियमानुसार डिवाइडर हटाने की प्रक्रिया पूरी की जाए। उन्होंने कहा कि शहर की सड़कों को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करना होगा और जहां सुधार की जरूरत है, वहां तत्काल कार्रवाई की जाए।
निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने निगम अमले की कार्यशैली पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि केवल फाइलों में काम दिखाने से व्यवस्था नहीं सुधरेगी, बल्कि हर अधिकारी और इंजीनियर को मैदान में उतरकर जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा। सुरक्षा, गुणवत्ता और समय-सीमा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
“सफाई अपनाओ, बीमारी भगाओ” अभियान के तहत उन्होंने चैतन्य हॉस्पिटल तिराहा सहित कई प्रमुख चौराहों का निरीक्षण कर सफाई व्यवस्था और बेहतर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नालों-नालियों की सफाई, गाद निकासी और वर्षा जल निकासी के साथ-साथ तिराहों और चौराहों की नियमित सफाई भी सुनिश्चित की जाए, क्योंकि शहर में आने वाले लोगों पर पहली छाप इन्हीं स्थानों से पड़ती है।
सिटी स्टेडियम के सामने स्थापित होने वाली वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की प्रतिमा के निर्माणाधीन स्थल का निरीक्षण करते हुए उन्होंने लगभग 20 फीट ऊंची प्रतिमा के लिए मजबूत और आकर्षक फाउंडेशन बनाने के निर्देश दिए, ताकि प्रतिमा दूर से ही स्पष्ट दिखाई दे और आसपास लैंडस्केपिंग कर स्थल को आकर्षक बनाया जा सके।
इसके बाद आयुक्त ने एलीवेटेड कॉरिडोर का निरीक्षण कर सुरक्षा जालियां अंतिम छोर तक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था इतनी मजबूत हो कि भविष्य में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना या दुर्घटना की आशंका न रहे।
निरीक्षण के दौरान निगम के इंजीनियर संजय तिवारी, सैयम चतुर्वेदी, आयुष शुक्ला, स्वच्छता निरीक्षक शशांक रावत, अतिक्रमण प्रभारी राजू रेकवार सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।


