स्कूल वाहनों की सघन जांच जारी, एलपीजी गैस किट लगी मारुति वैन जब्त
सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर स्कूल प्रबंधन के विरुद्ध भी होगी कार्रवाई
सागर। कलेक्टर प्रतिभा पाल के निर्देशानुसार स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिले में स्कूल बसों एवं अन्य स्कूली वाहनों की सघन जांच अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में शनिवार सुबह शहरी क्षेत्र में परिवहन विभाग द्वारा की गई जांच के दौरान मंगलम कॉन्वेंट स्कूल, बाघराज में बच्चों के परिवहन में उपयोग की जा रही मारुति ओमनी वैन (क्रमांक MP20BA7368) को जब्त किया गया।
जांच के दौरान वाहन के चालक द्वारा आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके। निरीक्षण में वाहन में एलपीजी गैस किट लगी पाई गई, जिसके ऊपर बच्चों के बैठने के लिए सीट लगाई गई थी। मध्यप्रदेश राजपत्र दिनांक 18 सितम्बर 2019 के प्रावधानों के अनुसार शैक्षणिक वाहनों का एलपीजी ईंधन से संचालन प्रतिबंधित है। इसके अतिरिक्त वाहन निजी श्रेणी में पंजीकृत होने के बावजूद अनधिकृत रूप से स्कूली बच्चों के परिवहन में उपयोग किया जा रहा था। इस पर मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 207 के तहत वाहन को जब्त कर क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय परिसर में सुरक्षित रखा गया है।
सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करें स्कूल प्रबंधन
क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय ने बताया कि 3 जून 2026 को आयोजित बैठक में सभी स्कूल प्रबंधन एवं वाहन संचालकों को उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप स्कूली वाहनों के संचालन संबंधी विस्तृत निर्देश दिए गए थे। स्कूल प्रबंधन को विद्यार्थियों के परिवहन का रिकॉर्ड रखने, वाहनों के सभी वैध दस्तावेज सुरक्षित रखने, एलपीजी संचालित वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित करने, निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों का परिवहन नहीं कराने तथा सीसीटीवी, जीपीएस, स्पीड गवर्नर, अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड किट सहित सभी सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
नियमों की अनदेखी पर होगी कार्रवाई
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच के दौरान एलपीजी गैस किट से संचालित, अनफिट अथवा आवश्यक दस्तावेजों एवं सुरक्षा मानकों से वंचित वाहन स्कूलों में संचालित पाए जाते हैं तो संबंधित स्कूल प्रबंधन के विरुद्ध जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अभिभावकों से भी की गई अपील
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को ऐसे वाहनों से स्कूल न भेजें जो एलपीजी गैस किट से संचालित हों अथवा सुरक्षा मानकों के अनुरूप न हों। बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें सभी की सहभागिता आवश्यक है।


