मध्यप्रदेश में UCC पर बढ़ा इंतजार! मानसून सत्र में बिल पेश होना मुश्किल, समिति का कार्यकाल बढ़ा

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मध्यप्रदेश में UCC पर बढ़ा इंतजार! मानसून सत्र में बिल पेश होना मुश्किल, समिति का कार्यकाल बढ़ा

भोपाल। मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) को लागू करने की दिशा में चल रही प्रक्रिया को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। समिति का कार्यकाल बढ़ने के बाद अब आगामी मानसून सत्र में UCC विधेयक पेश होने की संभावना कम मानी जा रही है।

विधि एवं विधायी कार्य विभाग की ओर से 30 जून को जारी अधिसूचना के अनुसार, UCC का मसौदा तैयार कर रही उच्च स्तरीय समिति का कार्यकाल 26 जुलाई 2026 तक बढ़ा दिया गया है। बताया गया है कि सदस्य सचिव के अनुरोध और ड्राफ्ट तैयार करने की प्रगति को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। समिति के गठन से जुड़े अन्य प्रावधान पूर्ववत लागू रहेंगे।

सूत्रों के मुताबिक, अब तक तैयार मसौदे का बड़ा हिस्सा गुजरात मॉडल पर आधारित बताया जा रहा है। प्रस्तावित प्रावधानों में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, वसीयत, भरण-पोषण, बच्चों की अभिरक्षा और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे पारिवारिक मामलों के लिए सभी समुदायों पर समान कानूनी व्यवस्था लागू करने का विचार शामिल है।

हालांकि, मुख्यमंत्री मोहन यादव पहले संकेत दे चुके हैं कि जुलाई के मानसून सत्र में UCC कानून का रूप ले सकता है। 2 जुलाई को मुख्यमंत्री के समक्ष UCC ड्राफ्ट का प्रस्तुतीकरण भी किया जा चुका है। ऐसे में प्रशासनिक स्तर पर अभी भी अंतिम मसौदे को तैयार कर विधेयक लाने की संभावनाओं पर काम किया जा रहा है।

फिलहाल, समिति का कार्यकाल बढ़ने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि UCC को लेकर अंतिम फैसला और विधेयक पेश किए जाने की समय-सीमा को लेकर स्थिति आने वाले दिनों में और स्पष्ट होगी। सरकार की ओर से इस विषय पर आधिकारिक घोषणा का इंतजार किया जा रहा है।

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