दो मासूम भाइयों का अपहरण, 24 घंटे बाद भी नहीं मिला सुराग
सागर। शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र से दो मासूम भाइयों के कथित अपहरण का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बाहुबली कॉलोनी से मंगलवार शाम खेलने निकले 12 वर्षीय देव रैकवार और 10 वर्षीय आयुष रैकवार 24 घंटे बाद भी घर नहीं लौटे हैं। मामले में पुलिस ने अपहरण का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की है, लेकिन अब तक बच्चों का कोई सुराग नहीं लग पाने से परिजन बदहवास हैं और इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार दोनों बच्चे मंगलवार शाम करीब 4 बजे घर से खेलने की बात कहकर निकले थे। देर रात तक वापस नहीं लौटने पर माता-पिता ने आसपास और रिश्तेदारों के यहां तलाश की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला। इसके बाद बुधवार को परिजन कोतवाली थाना पहुंचे और बच्चों के अपहरण की आशंका जताते हुए शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस को दी शिकायत में बच्चों की मां ने बताया कि दोनों बच्चे बिना बताए कहीं नहीं जाते थे। काफी खोजबीन के बाद भी उनका कोई सुराग नहीं मिलने से आशंका है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने दोनों नाबालिग बच्चों को बहला-फुसलाकर अपहरण कर लिया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घटना के बाद कोतवाली पुलिस की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। इलाके में लगातार बढ़ती कटरबाजी, चोरी, लूट और आपराधिक घटनाओं के बीच अब बच्चों के अपहरण जैसी गंभीर वारदात ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में पुलिस गश्त और निगरानी बेहद कमजोर हो चुकी है, वहीं एक ही सूरत के पुलिसवाले सालो से जमे हैं जिससे अपराधियों के हौसले बुलंद मालूम होते हैं।
रहवासियों का कहना है कि यदि पुलिस इलाके में सक्रिय रहती और संदिग्ध लोगों पर निगरानी रखती, तो शायद मासूम बच्चों के अपहरण जैसी घटना नहीं होती। परिजन लगातार पुलिस से बच्चों को जल्द खोजने की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन 24 घंटे बाद भी कोई ठोस सुराग नहीं मिलना पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर रहा है।


