पूछताछ के लिए थाने लाए युवक की बिगड़ी तबीयत, परिजनों ने लगाए मारपीट के आरोप
सागर। गोपालगंज थाने में रविवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब पूछताछ के लिए लाए गए एक युवक की अचानक तबीयत बिगड़ गई। युवक को बदहवास हालत में पुलिस जिला अस्पताल लेकर पहुंची, जहां उसका इलाज जारी है। वहीं युवक के परिजनों ने पुलिस पर मारपीट के गंभीर आरोप लगाए हैं, हालांकि पुलिस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
जानकारी के मुताबिक शाहगढ़ निवासी धर्मेंद्र अहिरवार को गोपालगंज पुलिस रविवार को शाहगढ़ से सागर लेकर आई थी। पुलिस वर्ष 2025 में एक युवती के सुसाइड मामले में उससे पूछताछ कर रही थी। बताया जा रहा है कि बयान दर्ज करने के दौरान देर शाम अचानक धर्मेंद्र की हालत बिगड़ने लगी और वह असहज हो गया। इसके बाद पुलिस उसे तुरंत जिला अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद भर्ती कर उपचार शुरू कर दिया। अस्पताल में पुलिसकर्मी भी युवक की निगरानी में तैनात हैं।
घटना की सूचना मिलते ही धर्मेंद्र के परिजन भी जिला अस्पताल पहुंच गए। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस धर्मेंद्र को घर से पकड़कर थाने ले गई थी और वहां उसके साथ मारपीट की गई, जिससे उसकी हालत बिगड़ी है। परिजनों का कहना है कि युवक के हाथ-पैर काम नहीं कर रहे हैं और उसे गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
वहीं गोपालगंज थाना प्रभारी घनश्याम शर्मा ने मारपीट के आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि थाना क्षेत्र में वर्ष 2025 में हुई एक युवती की आत्महत्या के मामले में धर्मेंद्र रिश्तेदार होने के चलते जांच का हिस्सा था। पुलिस उसे बयान देने के लिए कई बार बुला चुकी थी, लेकिन वह थाने नहीं आ रहा था। इसी कारण उसे पूछताछ के लिए लाया गया था। थाना प्रभारी के मुताबिक थाने में अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद तुरंत अस्पताल पहुंचाकर इलाज कराया गया। उन्होंने साफ कहा कि युवक के साथ किसी प्रकार की मारपीट नहीं की गई है।


