2 युवकों की मौत के विरोध में चल रहा चक्काजाम पूर्व मंत्री के आश्वासन पर हुआ समाप्त
सागर जिले के शाहपुर में कथित शराब माफियाओं की बर्बर पिटाई में घायल दूसरे युवक सूरज अहिरवार की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। इससे पहले नीरज प्रजापति की मौत हो चुकी थी। लगातार दूसरी मौत के बाद शाहपुर में माहौल फिर तनावपूर्ण हो गया है। रविवार सुबह से लोगों ने शव रखकर चक्काजाम कर दिया, पूरा बाजार बंद रहा और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नाराजगी देखने को मिली।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार रात नीरज प्रजापति अपने साथी सूरज अहिरवार के साथ गांव में आयोजित एक कार्यक्रम से लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में कुछ लोगों ने उन्हें रोक लिया और शराब बेचने के शक में दोनों पर हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक करीब 10 लोगों ने बाइक सवार युवकों को घेरकर लाठी, रॉड और लोहे की सरियों से बेरहमी से मारपीट की। हमले में गंभीर रूप से घायल नीरज को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। वहीं सूरज अहिरवार को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया था, जिसकी देर रात इलाज के दौरान मौत हो गई।
दूसरे युवक की मौत के बाद शाहपुर में फिर बवाल मच गया। आक्रोशित नागरिकों ने रविवार सुबह से चक्काजाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में अवैध शराब कारोबार लगातार बढ़ रहा है, लेकिन पुलिस समय रहते कार्रवाई नहीं कर सकी। गुस्साए लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने मामले में हत्या का प्रकरण दर्ज कर लिया है। आरोपियों में नीलेश अहिरवार, भगवान पटेल, अंकुश यादव, हर्ष सिंह लोधी और अभिषेक पटेल के नाम सामने आए हैं। एएसपी लोकेश सिंहा ने बताया कि आरोपियों की तलाश की जा रही है और क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
इधर, क्षेत्रीय विधायक एवं पूर्व मंत्री Gopal Bhargava भी पीड़ित परिवारों से मिलने शाहपुर पहुंचे। उन्होंने घटना को बेहद दुखद और निंदनीय बताते हुए दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि रहली क्षेत्र सहित पूरे सागर जिले में गांव-गांव अवैध शराब का कारोबार तेजी से फैल रहा है, जिससे परिवार और समाज प्रभावित हो रहे हैं।
पूर्व मंत्री ने अधिकारियों से अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और तस्करी पर तत्काल सख्त कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाते हुए आर्थिक सहायता भी प्रदान की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।


