पत्रकारिता पाठ्यक्रम में बदलाव की दरकार, पुराने सिलेबस से पिछड़ रहे छात्र: अनंत त्यागी
इंदौर। वरिष्ठ टेलीविजन पत्रकार और जी न्यूज के प्राइम टाइम एंकर अनंत त्यागी ने वर्तमान पत्रकारिता शिक्षा प्रणाली पर सवाल उठाते हुए इसमें आमूल-चूल परिवर्तन की आवश्यकता जताई है। शनिवार को स्टेट प्रेस क्लब, मध्य प्रदेश द्वारा आयोजित ‘जर्नी ऑफ ए जर्नलिस्ट’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पुराना पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को आधुनिक दौर की चुनौतियों के लिए तैयार करने में विफल साबित हो रहा है।
डिजिटल क्रांति और कौशल विकास पर जोर
विभिन्न विश्वविद्यालयों के मीडिया छात्रों को संबोधित करते हुए श्री त्यागी ने कहा कि आज के दौर में केवल खबर लिखना पर्याप्त नहीं है। डिजिटल और टेक्नोलॉजी क्रांति ने पत्रकारिता के स्वरूप को बदल दिया है। अब छात्रों को मल्टीमीडिया कंटेंट, सोशल मीडिया मैनेजमेंट और मोबाइल फर्स्ट रिपोर्टिंग जैसे कौशल में निपुण होना अनिवार्य है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि वर्तमान सिलेबस में इन कौशलों के प्रशिक्षण का अभाव है, जिससे छात्र जॉब मार्केट में पिछड़ रहे हैं।
सफलता के पांच सी'(5Cs)
पत्रकारिता के क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं को गुरुमंत्र देते हुए उन्होंने पांच प्रमुख बिंदुओं—कम्युनिकेशन, कनेक्शन, क्रिएटिविटी, क्रेडिबिलिटी और कॉम्पिटेंट—पर ध्यान देने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि आम बोलचाल की भाषा और संवाद शैली पर पकड़ ही एक पत्रकार को भीड़ से अलग बनाती है।
बदलते दौर में विश्वसनीयता की चुनौती
टीवी और डिजिटल मीडिया के बदलते परिदृश्य पर चर्चा करते हुए श्री त्यागी ने कहा कि चैनलों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण अक्सर पत्रकारिता की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि अपनी साख बचाए रखने के लिए पत्रकारों को हर विषय का गहरा ज्ञान होना चाहिए। इसके लिए उन्होंने छात्रों को प्रतिदिन किताबें और अखबार पढ़ने की आदत डालने की सलाह दी।
गणमान्य जनों की उपस्थिति
कार्यक्रम की शुरुआत में स्टेट प्रेस क्लब के अध्यक्ष प्रवीण खारीवाल ने मास्टर क्लास की रूपरेखा प्रस्तुत की। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार रचना जौहरी, शीतल रॉय, बंसीलाल लालवानी, संजय मेहता सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। सत्र का संचालन वरिष्ठ पत्रकार आलोक बाजपेयी ने किया और आभार प्रदर्शन पंकज क्षीरसागर ने किया। मुख्य महासचिव नवनीत शुक्ला ने अनंत त्यागी को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।


