आंगनवाड़ी केंद्रों में सुनिश्चित हो बिजली-पानी और सर्वांगीण विकास: कलेक्टर संदीप जी आर

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आंगनवाड़ी केंद्रों में सुनिश्चित हो बिजली-पानी और सर्वांगीण विकास: कलेक्टर संदीप जी आर

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सागर। कलेक्टर संदीप जी आर ने महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान आंगनवाड़ी केंद्रों की स्थिति सुधारने और बच्चों के सर्वांगीण विकास को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि छोटे बच्चों के भविष्य को संवारने में आंगनवाड़ी केंद्रों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए जिले के सभी 2633 केंद्रों पर मूलभूत सुविधाओं का अभाव नहीं होना चाहिए।
मूलभूत सुविधाओं पर जोर

कलेक्टर ने पीएचई और जल निगम के अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर सभी केंद्रों में पेयजल कनेक्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही विद्युत मंडल को बिजली कनेक्शन सुनिश्चित करने को कहा गया है। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि यदि किराये के भवनों में संचालित केंद्रों में पानी, बिजली या शौचालय की व्यवस्था नहीं है, तो उन्हें तत्काल बदला जाए। निर्माणाधीन केंद्रों की गुणवत्ता पर स्वयं निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
अधिकारियों और संस्थाओं की जिम्मेदारी

बैठक में अजीम प्रेमजी फाउंडेशन को लक्ष्य निर्धारित कर बच्चों के विकास और कार्यकर्ताओं को जागरूक करने के लिए सेमिनार आयोजित करने के लिए निर्देशित किया गया। कलेक्टर ने महिला बाल विकास विभाग के अधिकारियों को नवाचार के रूप में एक-एक आंगनवाड़ी केंद्र गोद लेने का सुझाव दिया, ताकि वहां सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
कार्यशैली और निगरानी में बदलाव

कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को सुबह 8:30 बजे तक केंद्र पर उपस्थिति दर्ज कराने को कहा गया है ताकि संचालन समय पर शुरू हो सके। सीडीपीओ और सुपरवाइजरों को रोस्टर बनाकर नियमित मॉनीटरिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। पोषण के स्तर को सुधारने के लिए भोजन और नाश्ते के समय में पर्याप्त अंतराल रखने तथा गुणवत्तापूर्ण सामग्री वितरित करने पर जोर दिया गया।
स्वास्थ्य और दस्तावेज प्रबंधन

6 माह से 6 वर्ष तक के बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए एक विशेष टीम गठित की जाएगी जो एक माह में अपना कार्य पूर्ण करेगी। साथ ही, केंद्रों पर शिविर लगाकर बच्चों के आधार कार्ड, जाति प्रमाणपत्र और अपार (APAAR) आईडी बनाने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। कुपोषित बच्चों को चिन्हित कर उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) में भर्ती करने और उनकी निरंतर निगरानी करने की जिम्मेदारी भी तय की गई है।
इस समीक्षा बैठक में जिला पंचायत सीईओ विवेक के वी, डीपीओ भरत सिंह राजपूत सहित स्वास्थ्य, पीएचई और विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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