सागर पुलिस की बड़ी स्ट्राइक: 15 साल बाद कानून के शिकंजे में 30 हजारी पैरोल जंपर, जयपुर से पकड़े गए भाई के बाद दूसरा भी गिरफ्तार

सागर पुलिस की बड़ी स्ट्राइक: 15 साल बाद कानून के शिकंजे में 30 हजारी पैरोल जंपर, जयपुर से पकड़े गए भाई के बाद दूसरा भी गिरफ्तार

सागर पुलिस की बड़ी स्ट्राइक: ईद से पहले घर आने की फिराक में था अब्दुल जाहिद, घेराबंदी कर फिल्मी अंदाज में दबोचा

सागर | मुख्य संवाददाता
सागर जिले में अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत गोपालगंज पुलिस ने एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। 15 वर्षों से पैरोल जंप कर फरार चल रहे ₹30,000 के इनामी आरोपी अब्दुल जाहिद को पुलिस ने शुक्रवार को शनिचरी क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। खास बात यह है कि इसी प्रकरण में आरोपी के सगे भाई अब्दुल राशिद को पुलिस ने कुछ दिन पहले ही जयपुर से गिरफ्तार किया था। अब दोनों इनामी भाई सलाखों के पीछे हैं।
2011 से दे रहा था चकमा, हुलिया बदलकर छिपा था
पुलिस के अनुसार, आरोपी अब्दुल जाहिद (निवासी शनिचरी चौगना) वर्ष 2011 में सेंट्रल जेल सागर से पैरोल पर बाहर आया था। अवधि पूरी होने के बाद वह वापस जेल नहीं लौटा और तब से ही पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहा था। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह लगातार ठिकाने बदल रहा था। हाल ही में उसके भाई अब्दुल राशिद की जयपुर से हुई नाटकीय गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने जाहिद पर शिकंजा और कस दिया था।
खिन्नी के पेड़ के पास घेराबंदी, लाठी के सहारे चल रहा था आरोपी
उपनिरीक्षक नीरज जैन को मुखबिर से सूचना मिली थी कि आरोपी ईद के त्यौहार से पहले अपने पुराने इलाके शनिचरी में आने की कोशिश कर रहा है। पुलिस टीम ने तत्काल रणनीति बनाई और हनुमान अखाड़ा क्षेत्र में गुप्त निगरानी शुरू की। इसी दौरान पुलिस को खिन्नी के पेड़ के पास एक संदिग्ध व्यक्ति नीले रंग की शर्ट पहने और लाठी के सहारे चलते हुए दिखाई दिया। पुलिस ने चारों तरफ से घेराबंदी कर उसे दबोच लिया।
सख्त पूछताछ में टूटा आरोपी
पकड़े जाने पर आरोपी ने शुरुआत में अपनी पहचान छिपाने की कोशिश की और पुलिस को गुमराह किया। लेकिन जब पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सख्ती दिखाई, तो उसने स्वीकार किया कि वही अब्दुल जाहिद है और 2011 से फरार चल रहा है। पुलिस ने शुक्रवार दोपहर 12:25 बजे उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया।
“अपराधियों के लिए कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं है। सागर पुलिस की सटीक रणनीति और टीमवर्क का ही परिणाम है कि 15 साल से फरार इनामी आरोपी आज गिरफ्त में है।” — गोपालगंज पुलिस प्रशासन

इनकी रही सराहनीय भूमिका

इस चुनौतीपूर्ण कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में थाना प्रभारी घनश्याम शर्मा, उपनिरीक्षक नीरज जैन, आरकेएस चौहान (कंट्रोल रूम), प्रधान आरक्षक दीपक व्यास, अनिल प्रभाकर, साइबर सेल से सौरभ और उनकी टीम सहित अन्य आरक्षकों का विशेष योगदान रहा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here