सागर की सिविल लाइन पुलिस ने 24 घंटे में हत्या का खुलास किया, फरार आरोपियों को घेराबंदी कर दबोचा

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सागर की सिविल लाइन पुलिस ने 24 घंटे में हत्या का खुलास किया, फरार आरोपियों को घेराबंदी कर दबोचा

सागर। जिले में अपराध एवं अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण हेतु पुलिस अधीक्षक सागर विकाश कुमार शाहवाल के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना सिविल लाईन पुलिस ने एक जघन्य हत्या के मामले में त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही करते हुए महज 12 घंटे के भीतर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है।
दिनांक 15.03.2026 को फरियादी जितेन्द्र पिता शिवदत्त पाण्डेय उम्र 38 वर्ष निवासी खैजराबाग थाना सिविल लाईन, सागर द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि दिनांक 14-15 मार्च की दरम्यानी रात्रि में आरोपीगण अनिल पाण्डे, अभय पाण्डे, शिवा पाण्डे, अनिल का नाबालिग पुत्र एवं प्रथम दुबे द्वारा उसके भाई प्रदीप पाण्डे एवं भतीजे रचित पाण्डे के साथ पुरानी रंजिश के चलते बेरहमी से मारपीट की गई, जिससे उसके भाई प्रदीप पाण्डे की मृत्यु हो गई। रिपोर्ट पर थाना सिविल लाईन में अपराध क्रमांक 78/26 धारा 103(1), 109(1), 296(बी), 115(2), 3(5) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी सिविल लाईन निरीक्षक आनंद सिंह ठाकुर द्वारा तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया। प्रकरण में पुलिस अधीक्षक श्री विकाश कुमार शाहवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लोकेश कुमार सिंहा के निर्देशन एवं नगर पुलिस अधीक्षक मकरोनिया योगेन्द्र सिंह भदौरिया के मार्गदर्शन में विशेष टीमों का गठन कर आरोपियों की धरपकड़ हेतु सघन अभियान चलाया गया।
गठित टीमों द्वारा तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर तंत्र एवं सटीक रणनीति का उपयोग करते हुए ताबड़तोड़ दबिश देकर महज 24 घंटे के भीतर हत्या के सभी मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया, जिनमें—
शिवा पिता अनिल पाण्डे उम्र 18 वर्ष अनिल पिता जानकी प्रसाद पाण्डे उम्र 45 वर्ष अभय पिता जानकी प्रसाद पाण्डे उम्र 44 वर्ष (सभी निवासी बाग खैजरा) प्रथम पिता प्रशांत दुबे उम्र 24 वर्ष निवासी रविशंकर वार्ड मोतीनगर
साथ ही एक विधि उल्लंघनकर्ता बालक को अभिरक्षा में लिया गया है।
पूरे घटनाक्रम में पुलिस टीम द्वारा की गई त्वरित प्रतिक्रिया, समन्वित कार्यवाही एवं सटीक घेराबंदी के चलते आरोपियों को फरार होने का कोई मौका नहीं मिला और उन्हें कानून के शिकंजे में ला खड़ा किया गया।

विशेष योगदान देने वाली टीम

इस सराहनीय कार्यवाही में—
*टीम-01:* निरीक्षक आनंद सिंह ठाकुर, उनि. सुरेन्द्र, आरक्षक 467 अंशुल मिश्रा, आरक्षक 606 रवि, आरक्षक 1570 नीरज, आरक्षक 551 आशीष तिवारी

*टीम-02:* निरीक्षक राजेन्द्र सिंह कुशवाहा (रक्षित केन्द्र), प्रधान आरक्षक 922 हरिसेवक, आरक्षक देवेन्द्र यादव, आरक्षक अरविन्द्र, आरक्षक पुष्पेन्द्र, प्रधान आरक्षक सौरभ रैकवार (सायबर सेल)
की विशेष एवं सराहनीय भूमिका रही।

संदेश
सागर पुलिस द्वारा स्पष्ट संदेश दिया गया है कि जिले में किसी भी प्रकार के गंभीर अपराध को अंजाम देने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ इसी प्रकार त्वरित एवं कठोर कार्यवाही लगातार जारी रहेगी।

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