सागर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दमोह और सागर जिलों के अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल होकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। सीएम ने कहा कि राज्य सरकार बेटियों और महिलाओं के समग्र उत्थान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है, क्योंकि मप्र ही वह प्रदेश है, जहां बेटियां जन्म से लेकर आजीवन पूजी जाती हैं।
उन्होंने दमोह जिले के हटा में आयोजित महिला सशक्तिकरण सम्मेलन को संबोधित करते हुए लाड़ली लक्ष्मी योजना की सराहना करते हुए कहा कि इसके कारण प्रदेश के लिंगानुपात में व्यापक सुधार हुआ है और समाज की सोच बदली है।
इस अवसर पर सीएम ने सिंगल क्लिक के माध्यम से दमोह जिले के लिए 405 करोड़ 58 लाख रुपए से अधिक की लागत के 13 विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया। मुख्यमंत्री ने हटा को ‘शिवकाशी’ की तर्ज पर विकसित करने, एमएलवी स्कूल में ऑडिटोरियम बनाने और हटा के महाविद्यालय में कृषि, उद्यानिकी एवं पशुपालन संकाय शुरू करने की घोषणा की। साथ ही, पटेरा में नया महाविद्यालय खोलने का भी आश्वासन दिया।
सीएम ने सागर में एक निजी विश्वविद्यालय’ का शुभारंभ किया। उन्होंने शिक्षाविद् डॉ. हरि सिंह गौर के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से बुंदेलखंड को केंद्रीय विश्वविद्यालय मिला, जहां से निकले विद्यार्थियों ने वैश्विक स्तर पर पहचान बनाई है साथ ही मध्यप्रदेश सरकार की ओर से तत्परता दिखाते हुए राजकीय विश्वविद्यालय बनाने की बात की, दरअसल डॉ हरिसिंह विश्वविद्यालय केंद्रीय मान्यता प्राप्त हो चुकी है जिससे के बाद राजकीय विश्वविद्यालय की माँग जोर पकड़े थी जिसपर मुख्यमंत्री डॉ यादव ने रानी अवंति बाई राजकीय विश्वविद्यालय पर मंच से चर्चा।


