मंदिर से मूर्तियां ले जाने को लेकर बवाल, भीड़ ने रोकी महंत की कार देर रात हंगामा, कार के कांच तोड़े
सागर। जिले के रहली क्षेत्र में स्थित पंडलपुर खिरका के शाला मंदिर से भगवान की मूर्तियां ले जाने को लेकर सोमवार रात अचानक विवाद खड़ा हो गया। जैसे ही स्थानीय लोगों को इसकी जानकारी मिली, बड़ी संख्या में लोग मंदिर परिसर के पास इकट्ठा हो गए और महंत की कार को रोक लिया। इस दौरान भीड़ ने गाड़ी के कांच तोड़ दिए और साथ आए एक सेवादार के साथ मारपीट भी की।
स्थिति बिगड़ती देख मौके पर मौजूद लोगों ने समझाइश देकर माहौल शांत कराने की कोशिश की। बाद में कार में रखी गई मूर्तियों को वापस मंदिर में स्थापित कर दिया गया। घटना के बाद दोनों पक्ष रहली थाने पहुंचे, जहां पुलिस मामले की जांच कर रही है। देर रात तक दोनों पक्ष थाने में मौजूद रहे।
गाड़ी देखकर इकट्ठा हुई भीड़
जानकारी के अनुसार, सोमवार रात रहली के बड़े मंदिर परिसर में “श्रीहंस दास संस्थान मठ इंदौर” लिखी एक कार पहुंची थी। कार में महंत अपने सेवादारों के साथ आए थे और मंदिर में विराजमान भगवान की मूर्तियां अपने साथ ले जाने की तैयारी कर रहे थे।
इसकी भनक आसपास के रहवासियों को लगी तो लोग मौके पर पहुंचने लगे। देखते ही देखते भीड़ बढ़ गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया। लोगों ने कार को घेर लिया और विरोध जताते हुए वाहन के कांच तोड़ दिए। इसी दौरान एक सेवादार को पकड़कर उसके साथ मारपीट भी की गई।
स्थिति को बिगड़ता देख कुछ बुजुर्गों ने हस्तक्षेप किया और लोगों को समझाकर शांत कराया।
रहवासियों ने लगाए आरोप
स्थानीय लोगों का कहना है कि बड़े मंदिर के महंत रामचरण दास बिना अनुमति के मंदिर में स्थापित मूर्तियों को ले जा रहे थे। उनका कहना है कि स्थायी रूप से स्थापित अचल मूर्तियों को इस तरह कहीं और ले जाना उचित नहीं है।
रहवासियों के मुताबिक, अधिकांश मूर्तियां वापस मिल गई हैं, लेकिन मंदिर में रखे शालिग्राम अभी नहीं मिले हैं।
कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि इस वर्ष मंदिर में पारंपरिक रूप से निकलने वाली शिवजी की बारात को महंत ने नहीं निकलने दिया और मंदिर के गेट पर ताला लगा दिया था। बताया गया कि हर साल पंडलपुर से निकलने वाली यह बारात शाला मंदिर में आकर रुकती थी।
महंत ने दी सफाई
मामले को लेकर महंत रामचरण दास का कहना है कि मंदिर काफी पुराना हो चुका है और जर्जर स्थिति में है। मंदिर के पुनर्निर्माण के लिए नगर पालिका से एनओसी ली गई है और करीब दो साल से निर्माण कार्य चल रहा है।
उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य के कारण मंदिर परिसर में सामग्री रखने की जरूरत पड़ती है। इसी वजह से मंदिर में स्थापित भगवान की मूर्तियों को पंचनामा बनाकर अस्थायी रूप से झाड़ी वाले मंदिर में सुरक्षित रखने के लिए ले जाया जा रहा था।
फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर पुलिस दोनों पक्षों से जानकारी जुटा रही है और घटना की जांच जारी है।


