गेहूं खरीदी पर बोनस का ऐलान, उड़द की खेती बढ़ाने सरकार देगी ₹600 प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों के हित में गेहूं और उड़द खरीदी को लेकर महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा के बाद सरकार ने गेहूं खरीदी पर ₹40 प्रति क्विंटल बोनस और उड़द पर ₹600 प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि देने का फैसला किया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि गेहूं खरीदी के लिए पंजीयन की अंतिम तिथि 7 मार्च से बढ़ाकर 10 मार्च कर दी गई है, ताकि अधिक से अधिक किसान पंजीयन करा सकें और सरकारी खरीदी का लाभ ले सकें।
गेहूं पर मिलेगा ₹40 प्रति क्विंटल बोनस
प्रदेश में इस साल गेहूं खरीदी पर किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के अलावा ₹40 प्रति क्विंटल बोनस दिया जाएगा। सरकार का कहना है कि इससे किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी और उन्हें फसल का बेहतर दाम मिल सकेगा।
उड़द की खेती बढ़ाने के लिए ₹600 प्रोत्साहन
राज्य सरकार ने उड़द की खेती को बढ़ावा देने के लिए खरीदी पर ₹600 प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की है। सरकार का मानना है कि इससे किसान दलहनी फसलों की ओर भी अधिक ध्यान देंगे और फसल विविधीकरण को बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की सुविधा के लिए सिंचाई हेतु दिन के समय बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। इससे किसानों को रात में सिंचाई के दौरान होने वाली परेशानियों और दुर्घटनाओं के जोखिम से राहत मिलेगी।
MSP पर खरीदी: इन फसलों के तय
समर्थन मूल्य
गेहूं – ₹2585 प्रति क्विंटल
धान (सामान्य) – ₹2369 प्रति क्विंटल
सोयाबीन – ₹5328 प्रति क्विंटल
उड़द – ₹7400 प्रति क्विंटल
मूंग – ₹8558 प्रति क्विंटल
अरहर – ₹8000 प्रति क्विंटल
चना – ₹5875 प्रति क्विंटल
मसूर – ₹7000 प्रति क्विंटल
सरसों – ₹6200 प्रति क्विंटल
प्रदेश में मुख्य रूप से गेहूं, धान, चना, मसूर और सरसों की सरकारी खरीदी होती है।
गेहूं बोनस पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
सरकार की घोषणा पर कांग्रेस के किसान नेता केदार सिरोही ने सवाल उठाते हुए कहा कि किसान लंबे समय से गेहूं का भाव ₹2700 प्रति क्विंटल करने की मांग कर रहे हैं, जबकि सरकार ने केवल ₹40 बोनस की घोषणा की है। उन्होंने इसे किसानों की मांग से कम बताया है।


