बीएमसी सागर में गार्ड ऑफ ऑनर के साथ सातवां देहदान संपन्न, रहली निवासी स्व किशन के परिजनों ने निभाई उनकी अंतिम इच्छा

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सागर। बुंदेलखंड चिकित्सा महाविद्यालय (बीएमसी) में शुक्रवार, 24 अप्रैल 2026 को रहली निवासी 54 वर्षीय स्व. श्री किशन के परिजनों ने उनकी अंतिम इच्छानुसार पार्थिव शरीर को एनाटॉमी विभाग में देहदान किया। शासन के नवीन निर्देशों के पालन में, संस्थान में यह सातवां अवसर रहा जब किसी देहदाता को पूरे राजकीय सम्मान के साथ ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ प्रदान किया गया।

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रहली के राम नगरी वार्ड निवासी स्व. श्री किशन के निधन के उपरांत उनकी पत्नी किरण, पुत्र प्रभांशु, हिमांशु और पुत्री सुनैना ने समाज और चिकित्सा शिक्षा के व्यापक हित को सर्वोपरि रखते हुए यह अनुकरणीय निर्णय लिया। परिजनों की उपस्थिति में महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. पी. एस. ठाकुर एवं एनाटॉमी विभाग के विभागाध्यक्ष सहित समस्त स्टाफ सदस्यों ने पार्थिव देह को ससम्मान स्वीकार किया।

एनाटॉमी विभाग में आयोजित इस गरिमामयी कार्यक्रम के दौरान अधिष्ठाता डॉ. ठाकुर ने कहा कि चिकित्सा जगत के भावी डॉक्टरों के शिक्षण और अनुसंधान कार्यों के लिए देहदान सबसे बड़ा दान है। उन्होंने कहा कि समाज के लिए किए गए इस अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान के लिए पूरा महाविद्यालय परिवार श्री किशन के परिजनों का सदैव ऋणी रहेगा।

कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय प्रशासन और विभागाध्यक्ष द्वारा शोक संतप्त परिवार को आभार पत्र सौंपकर उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई। उपस्थित सदस्यों ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए इस महान कार्य की सराहना की। इस अवसर पर बताया गया कि देहदान के माध्यम से छात्र मानव शरीर की संरचना का गहन अध्ययन कर सकेंगे, जो अंततः मानवता की सेवा के काम आएगा।

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