Monday, January 12, 2026

समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता का केंद्र ने विरोध किया

Published on

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया हलफनामा में सुप्रीम कोर्ट से कहा हैं कि समलैंगिक संबंध और विषमलैंगिक संबंध स्पष्ट रूप से अलग-अलग वर्ग हैं जिन्हें समान नहीं माना जा सकता है।

समान-लिंग वाले व्यक्तियों द्वारा भागीदारों के रूप में एक साथ रहना, जो अब डिक्रिमिनलाइज़ किया गया है, पति, पत्नी और बच्चों की भारतीय परिवार इकाई अवधारणा के साथ तुलनीय नहीं है। 377 को अपराध की श्रेणी से बाहर करने से समलैंगिक विवाह के मान्यता को बल नहीं मिल सकता। 6 जनवरी को दिल्ली उच्च न्यायालय सहित विभिन्न उच्च न्यायालयों के समक्ष लंबित ऐसी सभी याचिकाओं को क्लब और अपने पास स्थानांतरित कर लिया था। इसने कहा था कि केंद्र की ओर से पेश होने वाले वकील और याचिकाकर्ताओं का प्रतिनिधित्व करने वाली वकील अरुंधति काटजू एक साथ लिखित सबमिशन, दस्तावेजों और मिसाल का एक सामान्य संकलन तैयार करेंगे, जिस पर सुनवाई के दौरान भरोसा किया जाएगा।

Latest articles

हफसिली डेयरी स्टेट बदहाली का शिकार: तीन साल बाद भी मूलभूत सुविधाओं को तरसते पशुपालक

हफसिली डेयरी स्टेट बदहाली का शिकार: तीन साल बाद भी मूलभूत सुविधाओं को तरसते...

विदिशा में ज्वेलरी दुकान पर हुई डकैती के आरोपी पुलिस गिरफ्त में, 13 लाख का माल बरामद

पुलिस का बड़ा खुलासा: अरिहंत ज्वैलर्स डकैती में 03 आरोपी व 02 विधि विरुद्ध...

बंडा सिविल अस्पताल में सिजेरियन प्रसव सुविधा शुरू, स्वास्थ्य टीम ने कलेक्टर का माना आभार

सागर। शासन की परिकल्पना को स्वास्थ्य सुविधायों के अतिमहत्वपूर्ण आयाम के रूप में नवीन...

सागर के कोतवाली क्षेत्र में चले चाकू तलवारें, गौकशी के आरोप

सागर। थाना कोतवाली क्षेत्र के परकोटा इलाके में मक्का मस्जिद के पास रहने वाले...

More like this

मध्यस्थता का लाभ पक्षकारों तक पहुँचाना न्यायाधीश एवं अधिवक्ताओं का परम कर्तव्य – न्यायमूर्ति

मध्यस्थता का लाभ पक्षकारों तक पहुँचाना न्यायाधीश एवं अधिवक्ताओं का परम कर्तव्य – न्यायमूर्ति सागर।...

‘ऊर्जा आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में सागर सांसद के ठोस सुझाव, केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री ने की सराहना

‘ऊर्जा आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में सागर सांसद डॉ. लता वानखेड़े के ठोस सुझाव,...
khabarkaasar
khabarkaasarhttps://khabarkaasar.com/
हिंदी पत्रकारिता के क्षेत्र में 2006 से सक्रिय विभिन्न समाचार पत्रों और मैगजीन में कार्यरत रहा हूँ बदलते परिवेश के साथ डिजिटल मीडिया तेजी से ग्रोथ पर हैं "खबर का असर डॉट डॉम" न्यूज़ वेबसाइट पर कार्य करते हुए लंबा अनुभव हो गया। यहां स्वतंत्र रूप से निष्पक्ष पत्रकारिता करने का अच्छा अवसर मिल, आप सब पाठकों का स्नेह और सहयोग रूपी व्यू हिट्स भी लाखों में दर्ज हो रहे हैं। केवल खबरो पर केंद्रित यह न्यूज़ वेबसाइट जनता की आवाज बन चुकी हैं।
error: Content is protected !!