सागर में प्रशासन की चेतावनी कागजों तक सीमित, जर्जर मकान ने ली मासूम की जान

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 जर्जर मकान की छत गिरी; 6 वर्षीय मासूम की दर्दनाक मौत

सागर। मकरोनिया के दीनदयाल नगर में शनिवार को प्रशासनिक लापरवाही और मकान मालिक की अनदेखी का खामियाजा एक 6 वर्षीय मासूम बच्ची को अपनी जान देकर चुकाना पड़ा। जर्जर मकान की छत अचानक भरभराकर गिर गई, जिससे मलबे में दबने से बच्ची की मौत हो गई।

जानकारी के अनुसार, नगर पालिका मकरोनिया ने इस मकान को पहले ही जर्जर घोषित कर मकान मालिक को दो बार नोटिस जारी कर खानापूर्ति कर ली गई थी। बावजूद न तो मकान खाली कराया गया और न ही उसे सुरक्षित बनाने के लिए कोई प्रभावी कार्रवाई की गई। सवाल यह है कि जब मकान को खतरनाक घोषित किया जा चुका था, तो नोटिस देने के बाद भी प्रशासन ने लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित क्यों नहीं की?

बताया गया है कि मकान में बच्ची के नाना-नानी किराए पर रहते थे। हादसे के समय मासूम घर में सो रही थी। अचानक छत गिरने से वह मलबे में दब गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल राहत कार्य शुरू कर बच्ची को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

इस घटना ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि नोटिस के बाद समय रहते मकान खाली कराया जाता या आवश्यक कार्रवाई की जाती, तो शायद एक मासूम की जान बचाई जा सकती थी।

फिलहाल पुलिस और प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं क्षेत्र में शोक का माहौल है और लोगों ने जर्जर भवनों के खिलाफ सिर्फ नोटिस जारी करने के बजाय ठोस कार्रवाई की मांग की है।

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