गेहूं उपार्जन घोटाले पर बड़ी कार्रवाई: सहायक आपूर्ति अधिकारी निलंबित, डीएसओ हटाई गईं; वेयरहाउस संचालक पर कार्रवाई का इंतजार
सागर। जिले के गंभीरिया स्थित लक्ष्मी नगर के श्रीदेव प्रभाकर वेयरहाउस में गेहूं खरीदी के दौरान बोरियों में मिट्टी मिलने के मामले में शासन ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के निर्देश पर सहायक आपूर्ति अधिकारी निशांत पांडे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि जिला आपूर्ति अधिकारी (डीएसओ) ज्योति बघेल को पद से हटाकर भोपाल मुख्यालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।
मंत्री राजपूत ने मामले को गंभीर अनियमितता मानते हुए कलेक्टर को विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि खाद्य विभाग के साथ-साथ उपार्जन प्रक्रिया से जुड़े अन्य विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका की भी गहन जांच की जाए। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
किसानों के हितों से समझौता नहीं
मंत्री ने स्पष्ट कहा कि किसानों की मेहनत और उनके अधिकारों के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गेहूं उपार्जन प्रक्रिया में भ्रष्टाचार, लापरवाही अथवा फर्जीवाड़े में संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी अधिकारी, कर्मचारी, संस्था या समूह के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
बोरियों में गेहूं की जगह मिली थी मिट्टी
गौरतलब है कि श्रीदेव प्रभाकर वेयरहाउस में संग्रहित गेहूं की कुछ बोरियों की जांच के दौरान उनमें अत्यधिक मात्रा में मिट्टी मिलने की पुष्टि हुई थी। प्रारंभिक जांच में सामने आई इस गड़बड़ी के बाद प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी थी।
स्व-सहायता समूह ब्लैकलिस्ट, एफआईआर दर्ज
कलेक्टर के निर्देश पर संबंधित खरीदी केंद्र का संचालन कर रहे हर्षिका स्व-सहायता समूह को तत्काल प्रभाव से ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। साथ ही समूह की अध्यक्ष, उनके पति और सचिव के विरुद्ध पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई गई है। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद जिले के अन्य उपार्जन केंद्रों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है।
एनआरएलएम नोडल को नोटिस
सूत्रों के अनुसार उक्त खरीदी केंद्र पर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) की सागर ब्लॉक प्रभारी ऋतु सेन की ड्यूटी लगाई गई थी। मामले में उनकी भूमिका और निगरानी संबंधी दायित्वों को लेकर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
वेयरहाउस संचालक पर कार्रवाई नहीं
हालांकि अब तक वेयरहाउस संचालक के विरुद्ध किसी प्रकार की कार्रवाई सामने नहीं आई है। जबकि भंडारण और सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी को देखते हुए वेयरहाउस प्रबंधन की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। जांच के दायरे में वेयरहाउस संचालन से जुड़े पहलुओं को शामिल किए जाने की मांग उठ रही है।
अवकाश पर थे निलंबित अधिकारी
जानकारी के अनुसार निलंबित सहायक आपूर्ति अधिकारी निशांत पांडे पिछले लगभग 15 दिनों से अवकाश पर थे। उनके प्रभार का दायित्व समकक्ष अधिकारी राजेश पटेल के पास था। ऐसे में उपार्जन अवधि के दौरान वास्तविक निगरानी और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर भी कई प्रश्न खड़े हो रहे हैं। जांच में यह भी स्पष्ट होने की संभावना है कि संबंधित अवधि में निरीक्षण और नियंत्रण की जिम्मेदारी किस स्तर पर निभाई जा रही थी।
फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और प्रशासनिक कार्रवाई का दायरा बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।


