ब्रांडेड ऑयल की आड़ में धोखाधड़ी ! सिविल लाइन पुलिस ने पकड़ा नकली VALVOLINE का जखीरा

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ब्रांडेड ऑयल की आड़ में धोखाधड़ी ! सिविल लाइन पुलिस ने पकड़ा नकली VALVOLINE का जखीरा

सागर। ब्रांडेड उत्पादों की आड़ में आम उपभोक्ताओं को धोखा देकर नकली इंजन ऑयल बेचने वाले कारोबार पर थाना सिविल लाइन पुलिस ने प्रभावी कार्यवाही करते हुए नकली VALVOLINE इंजन ऑयल का भंडार जप्त करने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है।

दिनांक 02.06.2026 को VALVOLINE कंपनी के अधिकृत असिस्टेंट मैनेजर अजय कुमार पुंडीर द्वारा थाना सिविल लाइन पहुंचकर लिखित शिकायत प्रस्तुत की गई कि सिविल लाइन क्षेत्र स्थित ड्रिलटेक इंटरप्राइजेज नामक प्रतिष्ठान पर उनकी कंपनी के इंजन ऑयल की हूबहू नकल कर नकली उत्पादों का विक्रय एवं भंडारण किया जा रहा है। इस अवैध गतिविधि से कंपनी की प्रतिष्ठा को क्षति पहुंच रही है तथा आर्थिक नुकसान भी हो रहा है।

सूचना की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी सिविल लाइन निरीक्षक आनंद सिंह ठाकुर द्वारा तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया। पुलिस अधीक्षक सागर अनुराग सुजानिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर लोकेश कुमार सिन्हा तथा नगर पुलिस अधीक्षक ललित कश्यप के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित कर मौके पर कार्यवाही की गई।

गठित पुलिस टीम द्वारा शिकायतकर्ता, कंपनी के विशेषज्ञ एवं स्टाफ के साथ ड्रिलटेक इंटरप्राइजेज पहुंचकर जांच की गई। मौके पर निशांत तिवारी पिता नारायण तिवारी, उम्र 39 वर्ष, निवासी सिविल लाइन, सागर उपस्थित मिले, जिन्होंने दुकान अपने नाम से पंजीकृत होना बताया।

कंपनी के विशेषज्ञ द्वारा दुकान में उपलब्ध VALVOLINE ब्रांड के इंजन ऑयल का परीक्षण किया गया, जिसमें पाया गया कि उक्त उत्पाद कंपनी के मूल उत्पाद की अवैध एवं भ्रामक नकल हैं। जांच में यह भी सामने आया कि उत्पादों पर अंकित कंपनी की वेबसाइट एवं कस्टमर केयर नंबर गलत थे तथा पैकेजिंग पर अनेक अंग्रेजी शब्दों की वर्तनी त्रुटिपूर्ण पाई गई। यद्यपि बाहरी बनावट मूल उत्पाद से काफी हद तक मिलती-जुलती थी, जिससे आम उपभोक्ताओं को आसानी से भ्रमित कर धोखा दिया जा सकता था।

कार्यवाही के दौरान मौके से 06 भरे हुए ऑयल ड्रम एवं 03 खाली ड्रम, कुल अनुमानित मूल्य ₹1,08,300/- जप्त किए गए। आरोपी का अपराध जमानतीय प्रकृति का होने से उसे वैधानिक नोटिस देकर रिहा किया गया।

उक्त मामले में थाना सिविल लाइन में अपराध क्रमांक 174/2026 अंतर्गत धारा 63 कॉपीराइट अधिनियम तथा धारा 103 एवं 104 ट्रेडमार्क अधिनियम के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।

सिविल लाइन पुलिस की इस त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही से नकली ब्रांडेड उत्पादों के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है तथा उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा सुनिश्चित की गई है।

सराहनीय भूमिका

इस महत्वपूर्ण कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक आनंद सिंह ठाकुर, उप निरीक्षक सुरेन्द्र सिंह, प्रधान आरक्षक 829 फूलसिंह, महिला आरक्षक 1048 प्रीति मिश्रा, आरक्षक 551 आशीष तिवारी एवं आरक्षक 1570 नीरज की विशेष एवं सराहनीय भूमिका रही।

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